आपत्ति भरने भर से नहीं कटता नाम, जांच और सुनवाई के बाद ही निर्णय
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नामों के सत्यापन को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। यदि किसी मतदाता के नाम के खिलाफ Form-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज की जाती है, तो केवल आपत्ति दाखिल होने से नाम स्वतः मतदाता सूची से नहीं हटता। विवादित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और सुनवाई का प्रावधान है।
निर्वाचन आयोग की Form-7 गाइडलाइन के अनुसार किसी मतदाता के नाम पर मृत्यु, कम आयु, अनुपस्थित या स्थायी रूप से स्थानांतरित होने, किसी अन्य स्थान पर पहले से नाम दर्ज होने अथवा भारतीय नागरिक न होने जैसे आधारों पर आपत्ति की जा सकती है। आपत्ति में लगाए गए आधार को प्रमाणित करने की जिम्मेदारी आपत्तिकर्ता की होती है।
नोटिस और सुनवाई का प्रावधान
Registration of Electors Rules, 1960 के Rule 19 और Rule 20 के तहत विवादित मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित है। आपत्ति पर संबंधित पक्षों को नोटिस दिया जा सकता है। इसके बाद Registration Officer द्वारा जांच कर निर्णय दर्ज किया जाता है।
सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता और जिस व्यक्ति के नाम पर आपत्ति की गई है, दोनों को अपना पक्ष रखने तथा उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। जरूरत पड़ने पर अधिकारी किसी पक्ष को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए भी कह सकता है।
‘क्षेत्र में नहीं रहता’ तो देना होगा आधार
यदि Form-7 में यह आपत्ति की गई है कि संबंधित मतदाता गांव या क्षेत्र में नहीं रहता अथवा स्थायी रूप से कहीं और जा चुका है, तो आपत्तिकर्ता को अपने दावे के समर्थन में उपलब्ध प्रमाण देना होगा। दूसरी ओर संबंधित मतदाता अपने निवास और क्षेत्र से संबंध को साबित करने के लिए उपलब्ध दस्तावेज या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
BLO की रिपोर्ट अहम, अंतिम निर्णय अधिकारी का
मतदाता सूची के सत्यापन में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन विवादित मामले में केवल BLO की मौखिक रिपोर्ट को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। जहां सुनवाई आवश्यक है, वहां संबंधित Registration Officer/ERO द्वारा जांच के बाद निर्णय दर्ज किया जाता है।
झूठी जानकारी देने पर कार्रवाई
Form-7 में आवेदक को दी गई जानकारी को सही होने की घोषणा करनी होती है। निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार जानबूझकर गलत जानकारी देने पर Representation of the People Act, 1950 की Section 31 के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें एक वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।
मतदाता क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को पता चलता है कि उसके नाम के खिलाफ Form-7 दाखिल किया गया है, तो वह संबंधित ERO/AERO से आपत्ति का आधार, उपलब्ध प्रमाण, BLO सत्यापन और सुनवाई की स्थिति की जानकारी ले सकता है। सुनवाई का नोटिस मिलने पर निर्धारित तारीख पर उपस्थित होकर अपना पक्ष और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहिए।
नाम हटने पर अपील का विकल्प
यदि प्रक्रिया के बाद मतदाता का नाम हटाने का आदेश पारित होता है, तो निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील का विकल्प उपलब्ध है। Representation of the People Act, 1950 की Section 24 में Section 22 या Section 23 के तहत पारित आदेशों के खिलाफ अपील का प्रावधान है।
मतदाताओं के लिए जरूरी सावधानी
मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जांचें। Form-7 की आपत्ति की जानकारी लें। आपत्ति का आधार और प्रमाण पूछें। BLO सत्यापन की स्थिति जानें। सुनवाई के नोटिस को नजरअंदाज न करें और अपने निवास व मतदाता पात्रता से जुड़े प्रासंगिक दस्तावेज तैयार रखें।
महत्वपूर्ण: Form-7 में आपत्ति दर्ज होना और मतदाता का नाम अंतिम रूप से हट जाना एक ही बात नहीं है। विवादित मामलों में जांच, सुनवाई और निर्णय की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है।










