धामी कैबिनेट बैठक सम्पन्न, 10 प्रस्तावों पर लगी मोहर

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मेडिकल इंटर्न से लेकर खिलाड़ियों और ईएसआई अस्पताल तक बड़े निर्णय

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, स्वास्थ्य, खेल, प्रशासन और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक में कुल 10 प्रमुख बिंदुओं पर मुहर लगने की जानकारी सामने आई है। इन फैसलों का सीधा असर मेडिकल इंटर्न, पदक विजेता खिलाड़ियों, सरकारी अधिवक्ताओं और ईएसआई लाभार्थियों सहित विभिन्न वर्गों पर पड़ने की उम्मीद है।


1. विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी
कैबिनेट ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी दी है। आयोग की वार्षिक रिपोर्ट में बिजली क्षेत्र से जुड़े नियामकीय कार्यों और आयोग की गतिविधियों का विवरण शामिल होता है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद रिपोर्ट को विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे बिजली क्षेत्र से जुड़े नियामकीय कामकाज की जानकारी सदन के सामने आएगी और उस पर चर्चा का अवसर भी मिलेगा।
2. कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का पद संवर्गीय ढांचे में शामिल
कारागार विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने फैसला लिया है। सरकार ने अपर महानिरीक्षक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को मंजूरी दी है।
इस निर्णय का संबंध विभाग के प्रशासनिक ढांचे और अधिकारियों की सेवा व्यवस्था से है। पद को संवर्ग में शामिल किए जाने के बाद विभाग में पद की स्थिति और सेवा संबंधी व्यवस्थाएं अधिक स्पष्ट होंगी।
3. सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों का पुनर्निर्धारण
सरकार ने शासकीय अधिवक्ताओं से जुड़े एक लंबे समय से महत्वपूर्ण माने जा रहे विषय पर फैसला लिया है। कैबिनेट ने सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को मंजूरी दी है।
सरकार की ओर से अदालतों में विभिन्न मामलों की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं को अलग-अलग न्यायालयों एवं मामलों के अनुसार शुल्क मिलता है। नई दरें लागू होने के बाद अधिवक्ताओं को वर्तमान व्यवस्था की तुलना में संशोधित शुल्क प्राप्त होगा।
4. विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन
कैबिनेट ने विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी है।
विधिक माप विज्ञान विभाग का काम माप-तौल और संबंधित मानकों की निगरानी से जुड़ा है। सेवा नियमों में संशोधन के माध्यम से विभागीय पदों, नियुक्ति अथवा सेवा शर्तों से संबंधित व्यवस्थाओं को मौजूदा जरूरतों के अनुरूप किया जा सकेगा।
5. मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार
कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक राज्य के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे मेडिकल इंटर्न से जुड़ा है।
सरकार ने मेडिकल इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 17 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। यानी इंटर्न को अब हर महीने 8 हजार रुपये अधिक मिलेंगे।
यह फैसला राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लागू होगा। स्टाइपेंड बढ़ने से मेडिकल इंटर्न को प्रशिक्षण अवधि के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को भी बल मिला है।
6. मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए 33 पद सृजित
उत्तराखंड सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी अहम फैसला लिया है। कैबिनेट ने अपर सहायक व्यायाम के 33 पद सृजित करने को मंजूरी दी है।
इन पदों का लाभ मेडल विजेता खिलाड़ियों को दिए जाने की व्यवस्था से जोड़ा गया है। सरकार की खेल नीति का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को खेल के साथ रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है।
इस फैसले से पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में आने के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
7. खेल नीति के तहत 245 पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता
कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों से जुड़ा एक और बड़ा प्रस्ताव सामने आया। खेल नीति-2021 के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने के लिए 245 पदों की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया।
इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और पदक जीतने के बाद रोजगार को लेकर उनकी चिंता कम हो सकती है।
विभिन्न विभागों में पात्र खिलाड़ियों को नियुक्ति दिए जाने की व्यवस्था से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
8. मसूरी में गढ़वाल सभा को 972 गज जमीन
भूमि आवंटन से जुड़े फैसले में कैबिनेट ने मसूरी में जीएमवीएन की पार्किंग की 972 गज भूमि गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
यह मामला लंबे समय से लंबित भूमि आवंटन से जुड़ा बताया गया है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद संबंधित विभाग द्वारा भूमि हस्तांतरण और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
इस फैसले को मसूरी में गढ़वाल क्षेत्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
9. हरिद्वार के सलेमपुर में 15 एकड़ भूमि पर ईएसआई अस्पताल
हरिद्वार जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लिया है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल के लिए सलेमपुर में 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है।
अस्पताल के निर्माण से कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


औद्योगिक क्षेत्र के रूप में हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रमिक और कर्मचारी रहते हैं। ऐसे में ईएसआई अस्पताल बनने से स्वास्थ्य सेवाओं का दबाव कम करने और बीमित कर्मचारियों को उपचार की सुविधा उनके क्षेत्र में उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
10. 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
कैबिनेट ने प्रदेश में एक महीने तक सेवा संकल्प अभियान चलाने का भी फैसला लिया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा।
अभियान के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मंत्री और प्रभारी मंत्री भी भाग लेंगे। सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ आम लोगों से संवाद पर भी जोर रहेगा।
एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
फैसलों में युवाओं और जनहित पर फोकस
धामी कैबिनेट के इन 10 फैसलों में स्वास्थ्य, खेल, रोजगार, प्रशासन और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई है। मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाना और पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा के अवसर बढ़ाना युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले हैं।

वहीं हरिद्वार में ईएसआई अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम है। दूसरी ओर सेवा संकल्प अभियान के जरिए सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने और जनसंवाद बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। इस तरह कैबिनेट के फैसलों का असर स्वास्थ्य, खेल, रोजगार, प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र में अलग-अलग स्तर पर देखने को मिल सकता है।