देहरादून। राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए निर्माण कार्यों और शहर की बदहाल सड़कों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर की कई प्रमुख सड़कें गड्ढों और अधूरे निर्माण कार्यों से जूझ रही हैं।
लालचंद शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के शुरुआती चरण में नगर निगम के 10 वार्डों को मॉडल के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इन क्षेत्रों में भी अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे हैं और संबंधित एजेंसियां काम पूरा किए बिना हट गई हैं।
कांग्रेस नेता ने सुभाष रोड, सीएमआई चौक, प्रिंस चौक, कचहरी रोड, गांधी रोड और सहारनपुर चौक समेत शहर के कई प्रमुख मार्गों की स्थिति पर चिंता जताई। उनका कहना है कि सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने अजबपुर, कारगी, बंजारावाला, बालावाला, तुनवाला, सहस्रधारा रोड, चिड़ोंवाली और कैनाल रोड समेत विभिन्न क्षेत्रों की सड़कों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थानों पर सड़क मरम्मत की आवश्यकता है।लालचंद शर्मा ने सड़क निर्माण और बिजली की भूमिगत लाइन बिछाने के कार्यों के बीच समन्वय की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण या मरम्मत के बाद यूपीसीएल की ओर से खुदाई किए जाने से सड़कें फिर क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने परेड ग्राउंड, सुभाष रोड, लैंसडाउन चौक और ईसी रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल के अभाव में जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। नेहरू कॉलोनी में भी सड़क खुदाई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कार्यों की बेहतर योजना बनाने की मांग की।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पलटन बाजार में किए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आती है। इसके अलावा उन्होंने नेसविला रोड क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन, दून अस्पताल चौक की ड्रेनेज व्यवस्था, हरिद्वार रोड स्थित ग्रीन बिल्डिंग और चकराता रोड के निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाए गए बस स्टॉप और विज्ञापन अधिकारों को लेकर नगर निगम तथा स्मार्ट सिटी कंपनी के बीच समन्वय की आवश्यकता बताई।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
लालचंद शर्मा ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, खर्च और अधूरे कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जहां निर्माण कार्य अधूरे हैं, उन्हें निर्धारित समय में पूरा कराया जाना चाहिए और सड़कों की मरम्मत कर यातायात को सुचारु किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 15 अक्टूबर तक शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समय-सीमा तय की गई है। यदि निर्धारित समय तक सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं तो कांग्रेस जनता से जुड़े इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करेगी। कांग्रेस ने संबंधित विभागों से सड़क मरम्मत, जल निकासी और निर्माण कार्यों में आपसी समन्वय सुनिश्चित करने के साथ परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की है।












