24×7 पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग के निर्देश, टास्क फोर्स होगी तैनात; ओवरस्पीडिंग- ओवरलोडिंग पर कसेगा शिकंजा, कांग्रेस नेता रमेश कुमार भी कर चुके हैं स्थाई समाधान की मांग
देहरादून। राजधानी देहरादून में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मोहब्बेवाला क्षेत्र एक बार फिर सड़क हादसे का गवाह बना। शनिवार को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक चालक को मामूली चोटें आईं। कल भी इसी क्षेत्र में ईंटों से भरा एक अनियंत्रित ट्रक हॉस्टल की दीवार तोड़ते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसी महीने में इस क्षेत्र में तीन हादसे हो चुके हैं। लगातार सामने आ रहे हादसों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान और धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और विधायक ने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। अधिकारियों के साथ मौके पर ही दुर्घटनाओं के संभावित कारणों तथा उनके स्थायी समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि इस ब्लैक स्पॉट पर होने वाली दुर्घटनाओं में ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग प्रमुख कारकों में शामिल हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तत्काल और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने पुलिस और परिवहन विभाग को क्षेत्र में 24×7 नियमित पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से भारी और लोडिंग वाहनों की ओवरलोडिंग की जांच सुनिश्चित की जाए तथा वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्घटना संभावित क्षेत्र में प्रभावी निगरानी और कार्रवाई के लिए अधिकारियों की टास्क फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं। टास्क फोर्स की तैनाती आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जाएगी और जब तक क्षेत्र में दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं हो जाता, तब तक यह सक्रिय रूप से कार्य करेगी। घटना स्थल से पहले चेक पोस्ट स्थापित कर वाहनों की सघन चेकिंग कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा चेक पोस्ट के आगे यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए राउंड अबाउट सहित आवश्यक ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था विकसित करने तथा बड़े एवं भारी वाहनों को सुरक्षित तरीके से निर्धारित मार्ग से गुजारने पर विशेष फोकस होगा।
डीएम ने एनएच और एनएचआई के वरिष्ठ अधिकारियों को मोहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट का तकनीकी रूप से दोबारा परीक्षण करने के निर्देश दिए। सड़क की डिजाइन, मोड़, ढलान, विजिबिलिटी और यातायात दबाव समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय क्षेत्रवासियों और जन प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी तकनीकी कार्ययोजना में शामिल किया जाए, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ब्लैक स्पॉट पर पर्याप्त साइनेज, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड ब्रेकर और स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र के बारे में पहले से सचेत करने के लिए पर्याप्त और स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाने तथा वाहनों की गति की नियमित निगरानी करने को कहा गया है।
कांग्रेस नेता रमेश कुमार मंगू ने उठाई हादसों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग
धरमपुर विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश कुमार मंगू ने भी मोहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर लगातार हो रहे हादसों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से प्रभावी और स्थायी कदम उठाने की मांग करते रहे है। मंगू ने कहा कि बार- बार होने वाली दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और इस संवेदनशील क्षेत्र में केवल अस्थायी इंतजामों से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्ती के साथ-साथ सड़क की तकनीकी खामियों, मोड़, ढलान, विजिबिलिटी और यातायात दबाव का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक ब्लैक स्पॉट पर प्रभावी ट्रैफिक मैनेजमेंट, नियमित निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक हादसों का खतरा बना रहेगा।
मंगू ने प्रशासन द्वारा टास्क फोर्स की तैनाती, 24×7 पेट्रोलिंग और सघन चेकिंग के निर्देशों को दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इन व्यवस्थाओं को कागजों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें तकनीकी कार्ययोजना का हिस्सा बनाया जाए।मोहब्बेवाला ब्लैक स्पॉट पर हर हादसा एक चेतावनी है। अब ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिससे दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय हादसा होने से पहले ही उसे रोकने की प्रभावी व्यवस्था मौजूद हो।डीएम बोले—सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए तात्कालिक उपायों के साथ-साथ स्थायी और तकनीकी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एनएच, एनएचआई, लोक निर्माण विभाग, पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा क्षेत्रवासी मौजूद रहे।












