नई दिल्ली। कोलकाता के उत्तरी हिस्से में स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी बारिश के बीच मची भगदड़ में कम-से-कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद प्रशासन ने पंडाल को बंद कर दिया है। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पहले मृतकों की संख्या 17 बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर 19 हो गई। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए पंडाल के बाहर मौजूद श्रद्धालु अंदर की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गिर पड़े। जानकारी के अनुसार, संकरे रास्तों और सीढ़ियों के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। कुछ लोग गिरने के बाद दूसरों के पैरों तले दब गए। घायलों को स्थानीय लोगों और राहतकर्मियों की मदद से बाहर निकाला गया।

प्रारंभिक पुलिस जांच में भीड़ नियंत्रण की कमी, संकरे प्रवेश-निकास मार्ग और आयोजकों की ओर से की गई एक घोषणा से पैदा हुए भ्रम को हादसे के संभावित कारणों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, घटना के सभी कारणों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूजा आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारियों, पंडाल निर्माणकर्मियों और निजी सुरक्षा एजेंसी से जुड़े लोगों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकासी की तैयारियों की जांच कर रही है। प्रशासन ने घटनास्थल को बंद कर जांच शुरू कर दी है। मामले में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हादसे के बाद शहर के अन्य बड़े दुर्गा पूजा पंडालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की खबर है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता देने तथा उनके उपचार का खर्च उठाने की भी घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री की ओर से भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।

