AAP ने हरियाणा में बिगाड़ा कांग्रेस का खेल! इतनी सीटों पर पहुंचाया नुकसान

MS Malik
By
4 Min Read

राघव चड्ढा ने नतीजों पर शायराना अंदाज़ में किया तंज

हरियाणा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई. इसके पीछे एक बड़ी वजह आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन न हो पाना भी बताया जा रहा है.

नई दिल्ली। हरियाणा चुनाव के नतीजे अब सभी के सामने हैं. नतीजों से पहले कांग्रेस की जीत का दावा लगभग सभी एक्जिट पोल कर रहे थे, लेकिन फाइनल नतीजों ने पूरे समीकरण बदल दिए. कांग्रेस बहुमत के आंकड़े को नहीं छू पाई और अब कांग्रेस की इस हार की कई वजहें बताई जा रही हैं. इनमें से एक बड़ी वजह आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस का गठबंधन न हो पाना भी बताया जा रहा है। वो इसलिए क्योंकि फाइनल नतीजे सामने आने के बाद चुनाव आयोग के डेटा को देखें तो आधा दर्जन से ज़्यादा ऐसी सीटें हैं, जहां पर आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस का खेल पूरी तरह बिगाड़ दिया. इन सीटों पर कांग्रेस के हारने की सबसे बड़ी वजह आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रहे, जिन्हें कांग्रेस उम्मीदवार के बीजेपी कैंडिडेट के सामने हार के मार्जिन से ज्यादा वोट मिले।

AAP ने जिन सीटों पर कांग्रेस का खेल बिगाड़ा है, वो इस प्रकार है।

असंध 2306 वोटों से कांग्रेस हारी, जबकि AAP को मिले 4290

डबवाली 610 वोटों से कांग्रेस हारी है , जबकि AAP को मिले 6606 वोट

उचाना कलां कांग्रेस की हार का मार्जिन 32 वोट रहे, जबकि आम आदमी पार्टी को 2495 वोट मिले

रानियां में कांग्रेस 4100 वोट से हारी, जबकि AAP को मिले 4697 वोट

दादरी में कांग्रेस 1957 वोट से हारी, जबकि AAP को करीब 1300 वोट मिले

रेवाड़ी में 2876 वोटों से कांग्रेस हारी है, जबकि AAP को करीब 18000 वोट मिले

भिवानी में कांग्रेस ने CPM के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा और 3271 वोट से हारी जबकि AAP को मिले 17000 से ज्यादा वोट

नारनौल में कांग्रेस 1717 वोट से हारी, जबकि AAP को मिले 6133 वोट

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कांग्रेस ने कुल 37 सीटों पर जीत हासिल की है. यानी बहुमत के आंकड़े से 9 सीटें कम रही. अब ऐसे में उन सीटों को इसमें जोड़ें जो AAP के अलग चुनाव लड़ने की वजह से कांग्रेस को नहीं मिल पाई तो कांग्रेस बहुमत के बेहद करीब पहुंच जाती. साफ समझा जा सकता है कि कांग्रेस का AAP के साथ गठबंधन ना होना कांग्रेस पर ही बहुत भारी पड़ा है।

पार्टियों के वोटिंग प्रतिशत पर भी नजर डालें तो
बीजेपी का वोटिंग प्रतिशत- 39.94

कांग्रेस+ का वोटिंग प्रतिशत- 39.31

AAP का वोटिंग प्रतिशत- 1.79

ऐसे में अगर कांग्रेस और AAP के वोटिंग प्रतिशत को मिला दें तो ये बीजेपी के वोटिंग प्रतिशत से करीब 1 प्रतिशत ज्यादा है।

तस्वीर बहुत साफ है. आम आदमी पार्टी भले ही हरियाणा में अपना खाता नहीं खोल पाई, लेकिन कांग्रेस की सरकार बनाने के खेल को पूरी तरह बिगाड़ने में कामयाब जरूर रही. माना ये भी जा रहा है कि कांग्रेस ने आखिरी वक्त तक AAP को गठबंधन के लिए उलझाए रखा, जिसकी वजह से AAP कांग्रेस से बेहद नाराज दिखी. यही वजह रही कि आम आदमी पार्टी ने 90 सीटों में से 1 सीट छोड़कर बाकी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर दिये और इस तरह कांग्रेस का खेल बिगड़ गया।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!