DM साहब की पहल से शुरू हुए राजकीय नशा मुक्ति केंद्र से सात लोग हुए नशामुक्त

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जिले के प्रत्येक कालेज/विद्यालय में छात्र-छात्राओं की भागीदारी वाली एंटी ड्रग समिति सक्रिय

कागजों में चल रहे फर्जी नशामुक्ति केन्द्र एवं मानक विपरित संचालित केन्द्रों पर ताला लगना तय; डीएम की तैयारी पूरी

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में एन्कॉर्ड जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों की रोकथाम, मांग -आपूर्ति श्रृृंखला को तोड़ना तथा नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना रहा। नशे के बढ़ते संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा की गई पहल अब सकारात्मक परिणाम देने लगी है। रायवाला स्थित ओल्ड एज होम परिसर में संचालित जनपद के प्रथम राजकीय नशा मुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के माध्यम से नशे के गर्त में डूबे व्यक्तियों को उपचार देकर पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में यह नशा मुक्ति केंद्र पूर्णतः फुल क्षमता पर संचालित है, जहाँ ड्रग्स एडिक्ट व्यक्तियों का वैज्ञानिक पद्धति से उपचार एवं काउंसलिंग की जा रही है। अब तक इस केंद्र से 7 से अधिक व्यक्तियों को सफलतापूर्वक नशामुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। नशे से पीड़ित व्यक्तियों को बेहतर एवं गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा एम्स ऋषिकेश से एमओयू किया गया है। इसके अंतर्गत एम्स में 7 दिन, 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी हेतु आरक्षित किए गए हैं, जिससे गंभीर मामलों में त्वरित एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके।

नशे के विरुद्ध जनसहभागिता को सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एंटी ड्रग्स हेल्पलाइन नंबर 9625777399 भी प्रारंभ किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित सूचना, सहायता अथवा परामर्श प्राप्त कर सकता है। नशा मुक्ति केंद्र से उपचार उपरांत बाहर निकलने वाले व्यक्तियों की निरंतर फॉलो-अप काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे पुनः नशे की गिरफ्त में न आएं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हों।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानक विपरित संचालित तथा बिना पंजीकरण संचालित नशामुक्ति केन्द्रों पर छापेमारी करते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए तथा ऐसे केन्द्रों को पंजीकरण रद्द तथ सीलिंग की कार्यवाही करते हुए शासन को रिपोर्ट प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों पर जनपद के सभी स्कूलों एवं कॉलेजों में छात्र-छात्रओं की भागीदारी वाली एंटी ड्रग कमेटियों का गठन किया गया है। ये कमेटियां निरंतर उप जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी के संपर्क में रहते हुए जागरूकता एवं निगरानी का कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में निरंतर सैंपलिंग अभियान भी संचालित किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रखने में प्रभावी मदद मिल रही है।

जिलाधिकारी द्वारा यह भी सुनिश्चित किया गया है कि स्कूलों में नियमित काउंसलिंग कार्यक्रम संचालित हों। विशेष रूप से नर्सरी एवं छोटी कक्षाओं के बच्चों को प्रारंभिक स्तर से ही नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से पूर्णतः दूर रखा जा सके। जिला प्रशासन का यह समन्वित प्रयास न केवल नशा मुक्ति की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी मॉडल भी बनता जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा कॉलेजों/यूनिवर्सिटी/उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का नियमित रेंडम ड्रग टेस्टिंग कराया जाए।

जिलाधिकारी ने डिटेक्शन सेंटर्स का फिजिकल इंस्पेक्शन शीघ्र पूर्ण करने तथा रायवाला ओल्ड एज होम को नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एंटी-ड्रग हेतु गठित समस्त विभागीय कमेटियों की अद्यतन सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थानों (निजी/शासकीय विद्यालय, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय) में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित कराने तथा होटल, कैफे, पीजी एवं अतिथि गृहों के समीप लगे सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मेडिकल स्टोर्स पर भी सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की जानकारी लेने पर बताया गया कि अधिकतम मेडिकल स्टोर पर कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने समस्त मेडिकल स्टोर पर कैमरे लगवाते हुए आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश ड्रग निरीक्षक को दिए।

जिलाधिकारी ने ड्रग टेस्टिंग का विशेष निरंतर अभियान चलाने के पूर्व में दिए गए निर्देश के क्रम में प्रगति पूछी जिस पर क्षेत्राधिकारी पुलिस ने बताया कि शहर में बिना हेलमेट, ओवर-स्पीड, ट्रिपल राइडिंग, सीट बेल्ट का पालन न करने की जांच के दौरान ड्रग टेस्टिंग भी की जा रही है। बैठक में केन्द्रीयकृत मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया जिलाधिकारी समाज कल्याण अधिकारी को सार्वजनिक स्थलों तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी समस्त स्कूलों में हेल्पलाईन नम्बर 1933 का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। डीएम ने मादक पदार्थों की डिमांड एवं सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस विभाग, एनसीबी, औषधि नियंत्रक सहित समस्त प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही गत 10 वर्षों का विश्लेषण कर नेटवर्क आइडेंटिफिकेशन एवं लिंकिजेस का पता लगाते हुए प्रभावी एक्शन के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में मादक पदार्थों के बढ़ते प्रचलन एवं दुष्प्रभावों के प्रति आम नागरिकों एवं शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल/कॉलेज) को जागरूक करने हेतु समय-समय पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूल विद्यालयों में निरंतर कांउसिंलिंग के साथ ही नर्सरी एवं छोटी कक्षाओ के बच्चों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करना है ताकि नई पीढी को नशे से दूर रखा जा सके। डीएम ने स्पष्ट किया कि नशामुक्त जनपद के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु सभी विभाग समन्वय, संवेदनशीलता एवं सख्ती के साथ कार्य करें, ताकि युवाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके। बैठक में उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित कंडारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, आईटीबीपी से अस्टिेंड कमांडेंट योगेश्वर प्रसाद जोशी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी एवं आसरा ट्रस्ट से आशिष नौटियाल, सुप्रिया सक्सेना आदि उपस्थित रहे तथा उप जिलाधिकारी विकासनगर, ऋषिकेश डोईवाला वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।