PCS Transfer; तिवारी बने सिटी मजिस्ट्रेट, प्रत्यूष HRDA सचिव, बिनवाल का भी बदला कार्यक्षेत्र

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चुनावी अनुमति के बाद शासन ने जारी किए महत्वपूर्ण तबादला आदेश, शहरी प्रशासन और विकास प्राधिकरणों में बड़ा बदलाव

देहरादून। उत्तराखण्ड शासन ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए कई वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त अनुमति के उपरांत कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेशों में अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती संबंधी निर्णय लिए गए हैं। शासन के इस कदम को शहरी प्रशासन, विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली तथा जनसेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राकेश तिवारी, प्रत्यूष सिंह और गोपाल राम बिनवाल को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार राकेश तिवारी, पीसीएस को उनके वर्तमान पद नगर आयुक्त, नगर निगम रुड़की से अवमुक्त करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट, देहरादून तथा संयुक्त सचिव, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) के पद पर तैनात किया गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट का पद राजधानी देहरादून की कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन और विभिन्न सरकारी व्यवस्थाओं के संचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं एमडीडीए में संयुक्त सचिव के रूप में उन्हें देहरादून और मसूरी क्षेत्र की विकास योजनाओं, अवसंरचना परियोजनाओं तथा शहरी नियोजन से जुड़े कार्यों की भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
प्रशासनिक हलकों में इस तैनाती को राकेश तिवारी के अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को उनके वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए सचिव, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA), हरिद्वार नियुक्त किया गया है। हरिद्वार -रुड़की विकास प्राधिकरण राज्य के सबसे महत्वपूर्ण शहरी विकास संस्थानों में शामिल है, जो हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में मास्टर प्लान, भवन विकास, भूमि प्रबंधन तथा शहरी विस्तार से जुड़े कार्यों का संचालन करता है। ऐसे में प्रत्यूष सिंह को इस महत्वपूर्ण प्राधिकरण की जिम्मेदारी सौंपे जाने को विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में हरिद्वार और रुड़की क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनके प्रभावी संचालन में प्राधिकरण की भूमिका निर्णायक रहेगी। प्रशासनिक फेरबदल की श्रृंखला में गोपाल राम बिनवाल, पीसीएस को नगर आयुक्त, नगर निगम रुड़की के पद पर तैनात किया गया है।

रुड़की नगर निगम उत्तराखण्ड के प्रमुख शहरी निकायों में शामिल है, जहां स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, कर संग्रहण तथा नागरिक सुविधाओं के संचालन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नगर आयुक्त के अधीन होती हैं। ऐसे में गोपाल राम बिनवाल के सामने शहर के विकास और नागरिक सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की चुनौती होगी। स्थानीय स्तर पर यह नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रुड़की तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों में शामिल है और यहां आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की लगातार आवश्यकता महसूस की जा रही है।

उत्तराखण्ड शासन ने तीनों अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे तत्काल प्रभाव से अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर नवीन पदों का कार्यभार ग्रहण करें। साथ ही कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत इसकी विधिवत आख्या एवं प्रमाणक कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा प्रदान की गई अनुमति के आलोक में की गई है। इससे स्पष्ट है कि निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं के बीच भी प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए आयोग की स्वीकृति प्राप्त कर यह फेरबदल किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार द्वारा किए गए ये बदलाव केवल पदस्थापन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी, सक्रिय और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास किया जा रहा है। देहरादून, हरिद्वार और रुड़की जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से विकास परियोजनाओं, शहरी प्रबंधन और जनसेवाओं के संचालन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।