देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बीच मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर दाखिल की जा रही आपत्तियों पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 दाखिल किए जा रहे हैं और एक व्यक्ति द्वारा 150 से अधिक आपत्तियां दर्ज किए जाने के मामले भी सामने आए हैं।पार्टी ने पूरे मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
गोदियाल ने ज्ञापन में कहा कि उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया 29 मई से शुरू हुई थी और प्रारूप निर्वाचक नामावली 14 जुलाई को प्रकाशित की गई। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक निर्धारित है।इस दौरान फॉर्म-10 के आंकड़ों के विश्लेषण में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में आपत्तियां दाखिल किए जाने के मामले सामने आने का कांग्रेस ने दावा किया है। कांग्रेस के अनुसार, कुछ आपत्तिकर्ताओं ने 150 से अधिक फॉर्म-7 दाखिल किए हैं, जबकि कई लोगों द्वारा अलग-अलग बूथों और विधानसभा क्षेत्रों में 50 से 150 तक आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। पार्टी ने कहा कि कुछ मामलों में एक ही आपत्तिकर्ता द्वारा विभिन्न विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फॉर्म-7 दाखिल किया गया है। कांग्रेस ने इसे गंभीर विषय बताते हुए प्रक्रिया के संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई है।
कांग्रेस का कहना है कि उसके बीएलए-2 ने भी इस संबंध में आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पार्टी के मुताबिक, सत्यापन के दौरान कई ऐसे मतदाता अपने घोषित पते पर निवास करते पाए गए, जिनके नाम के खिलाफ आपत्तियां दाखिल की गई थीं। इससे आपत्तियों के आधार और उनकी प्रामाणिकता पर सवाल खड़े होते हैं। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को लेकर 30 जुलाई, 6 अगस्त और 10 अगस्त को भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत कर चुकी है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 दाखिल किए जाने की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि फॉर्म-10 के आंकड़ों और आपत्तिकर्ताओं की सूची के प्रथमदृष्टया विश्लेषण से स्थिति चिंताजनक नजर आती है।
ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की कि एक ही विधानसभा क्षेत्र या अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में फॉर्म-7 दाखिल करने वाले आपत्तिकर्ताओं की पहचान और संपर्क विवरण का सत्यापन कराया जाए। साथ ही प्रत्येक आपत्ति के आधार और उसकी वास्तविकता की जांच की जाए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि केवल ऑनलाइन माध्यम से दाखिल फॉर्म-7 के आधार पर किसी वास्तविक एवं पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। पार्टी ने नाम हटाने से पहले संबंधित बीएलओ द्वारा स्थलीय सत्यापन कराए जाने और नियमानुसार रिपोर्ट प्राप्त करने की मांग की। साथ ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से असामान्य रूप से बड़ी संख्या में दाखिल फॉर्म-7 की जानकारी प्रतिदिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने कहा कि झूठी, दुर्भावनापूर्ण या तथ्यहीन आपत्तियां दाखिल किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची की शुचिता बनाए रखना और वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। ज्ञापन देने वालों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अलावा प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह, SIR समिति सदस्य एवं प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्जशीट कमेटी सदस्य डॉ. प्रतिमा सिंह, एडवोकेट संदीप चमोली, राकेश नेगी, विनोद कुमार, सुरभि शाह, डिंपल और नितिन बिष्ट आदि मौजूद रहे।












