तरला नागल–सुमन नगर मार्ग बना मुसीबत का सफर, बरसात से पहले मरम्मत की मांग तेज

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देहरादून। राजधानी देहरादून के काठ बंगला तरला नागल पुल से प्राचीन शक्तिपीठ मंदिर सुमन नगर को जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग एक किलोमीटर लंबी यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी हुई है और जगह-जगह बने गहरे गड्ढों ने इसे दुर्घटना संभावित मार्ग में बदल दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है। प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और कामकाजी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालक अक्सर संतुलन खो बैठते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

क्षेत्रवासियों के अनुसार यह मार्ग प्राचीन शक्तिपीठ सुमन नगर तक पहुंचने का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत और रखरखाव की ओर संबंधित विभागों द्वारा अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है। लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आगामी बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाएगी और लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। उनका कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले यदि सड़क दुरुस्त नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा कि सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए इस महत्वपूर्ण मार्ग का पुनर्निर्माण अब समय की मांग बन चुका है।