देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन अब और अधिक उग्र रूप लेता दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने एजे दिन निकलते ही परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही न्यायसंगत मांगों की सरकार लगातार अनदेखी कर रही है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नर्सिंग अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन पिछले कई महीनों से जारी है, आमरण अनशन को भी लगातार 23 दिन पूरे हो चुके हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने, ज्ञापन देने और कई बार प्रशासन से वार्ता के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने बताया कि लंबे समय से चल रहे अनशन के कारण कई साथियों की तबीयत बिगड़ चुकी है। कुछ अभ्यर्थियों को चक्कर आने, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित करने में विफल रही है।
क्या हैं आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें
नर्सिंग अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें दोहराते हुए कहा कि जब तक इन मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—
नियमावली को स्थायी वर्षवार (Year-wise) लागू किया जाए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और हर वर्ष नियमित रूप से भर्तियां निकल सकें।
IPHS मानकों के आधार पर पूर्व की भांति 2000 पदों पर वर्षवार भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए, जिससे बेरोजगार नर्सिंग युवाओं को रोजगार मिल सके और अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर हो।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के नर्सिंग अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों का उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है। अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया रुकी होने के कारण हजारों प्रशिक्षित युवा बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं।
पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किए जाने के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग भी सतर्क नजर आया। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और आंदोलनकारियों को शांतिपूर्वक नीचे उतरने के लिए समझाया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।










