देहरादून। प्रदेश के चमोली जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसा जोशीमठ क्षेत्र में हुआ, जहां बद्रीनाथ धाम से देहरादून जा रहा निजी हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की जान चली गई। मृतकों में पांच यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे, जबकि हेलीकॉप्टर का पायलट दिल्ली का निवासी बताया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, Trans Bharat Aviation Pvt. Ltd. का हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बद्रीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान जोशीमठ क्षेत्र में हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान का ट्रैकिंग सिग्नल भी मिलना बंद हो गया। कुछ देर बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48), प्रताप बच्चिहल्ली निंगराजू (41), अरुण सालुंके (44), सुधीर के. (49), एच.एस. नटराज (51) और शंकरगौड़ा वी.बी. (39) के रूप में हुई है। इनमें कैप्टन हिमांशु सभरवाल हेलीकॉप्टर के पायलट थे और दिल्ली के शालीमार बाग के निवासी बताए गए हैं। वहीं, अन्य पांच मृतक कर्नाटक के बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले थे।

खराब मौसम के बीच चला राहत एवं बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही चमोली जिला प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान चलाया और बाद में सभी छह लोगों के शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई।
हादसे के दिन चमोली जिले में मौसम खराब बताया जा रहा था। मौसम विभाग की ओर से क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। इसमें गरज-चमक, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, दुर्घटना के पीछे खराब मौसम की भूमिका को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। दुर्घटना के बाद उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने एहतियातन Trans Bharat Aviation Pvt. Ltd. के हेलीकॉप्टर बेड़े को अस्थायी रूप से ग्राउंडेड कर दिया है। संबंधित एजेंसियां विमान के परिचालन, तकनीकी स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच कर रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने को कहा। इस हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मौसम की स्थिति, उड़ान की अनुमति, तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्त व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है। एक ही हादसे में छह लोगों की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा हुआ है। जिस यात्रा से सुरक्षित लौटने की उम्मीद थी, वही यात्रा छह परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। फिलहाल सभी की निगाहें दुर्घटना की जांच और आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे की असली वजह सामने आ सके।

बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश पायलट समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत
Leave a Comment