जल संस्थान ने 2 दिन में जलापूर्ति बहाल करने का दिया आश्वासन
देहरादून। नगर निगम देहरादून के वार्ड संख्या 06 दून विहार में पिछले कई दिनों से जारी पेयजल संकट और सीवर ओवरफ्लो की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश फूट पड़ा। स्थानीय पार्षद श्रीमती मीनाक्षी नौटियाल के नेतृत्व में सैकड़ों स्थानीय लोगों ने जल संस्थान कार्यालय, दिलाराम बाजार पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और विभागीय अधिकारियों से तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से दून विहार और किशनपुर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कई स्थानों पर सीवर लाइनें ओवरफ्लो होने से गंदगी फैल रही है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।
पूर्व पार्षद संजय नौटियाल ने अधिकारियों को बताया कि लगातार दस दिनों से क्षेत्र में पानी की किल्लत बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों को दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजय सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। इस दौरान अवर अभियंता अभय भंडारी तथा कनिष्ठ अभियंता शाह भी उपस्थित रहे। वार्ता में विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण आश्वासन दिए गए।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि किशनपुर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया है और अगले दो दिनों के भीतर पानी की सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी। इसके अलावा दून विहार में लंबे समय से बनी सीवर समस्या के समाधान के लिए संबंधित ठेकेदार को तीन दिन का नोटिस जारी कर दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर कार्य पूरा नहीं किया गया तो विभाग स्वयं हस्तक्षेप करते हुए निजी एजेंसी के माध्यम से कार्य करवाएगा। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि किशनपुर क्षेत्र में जल संकट के कारणों का पता लगाने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे तथा आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
पार्षद श्रीमती मीनाक्षी नौटियाल ने कहा कि क्षेत्रवासियों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए वह लगातार संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जल संस्थान द्वारा दिए गए आश्वासनों पर उनकी और जनता की पूरी नजर रहेगी। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनहित में आगे की रणनीति तय कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान पूर्व पार्षद कमल थापा, विजय शर्मा, प्रमोद सैनी, संजय गर्ग, गया प्रसाद, रणजीत सक्सेना, पूरन सिंह रावत, श्रीमती मीना चमोली, श्रीमती दीपिका थपलियाल, पवन राघव, सुश्री मीना पंवार, लाडी सरदार, अजय गुप्ता सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

40 साल पुरानी सीवर लाइन फटने से दून विहार में स्वास्थ्य संकट, मानसून से पहले कार्रवाई नहीं हुई तो हालात होंगे भयावह
देहरादून। राजधानी देहरादून के वार्ड-06 दून विहार में पेयजल एवं सीवर व्यवस्था की बदहाली अब एक गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है। क्षेत्र की लगभग 40 साल पुरानी जर्जर सीवर लाइन के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त और फट जाने के कारण सीवर का गंदा पानी पेयजल व्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। नतीजतन 600 से अधिक परिवार दूषित और असुरक्षित पानी पीने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सीवर लाइन की मरम्मत और नई लाइन बिछाने की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब स्थिति यह हो गई है कि कई घरों में आने वाले पानी से दुर्गंध आती है और उसमें गंदगी के अंश स्पष्ट दिखाई देते हैं। क्षेत्र के लोगों में जलजनित बीमारियों जैसे डायरिया, टाइफाइड, पीलिया और अन्य संक्रमण फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है।
बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
गुरुवार को हुई बारिश ने क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद बापूनगर क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे सैकड़ों परिवारों को घंटों तक पानी के लिए परेशान होना पड़ा। कई लोगों को निजी स्तर पर पानी की व्यवस्था करनी पड़ी, जबकि कुछ परिवारों को पीने के पानी के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर होना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई गंभीर प्रयास नहीं किए जाते। सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और दूषित पेयजल अब क्षेत्रवासियों की नियति बन चुके हैं।फाइलों में धूल खा रही 1370 लाख रुपये की योजना
दून विहार क्षेत्र की सीवर एवं पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए 1370 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है, लेकिन यह योजना लंबे समय से विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृति का इंतजार कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनहित से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण योजना अधिकारियों की मेजों पर धूल फांक रही है, जबकि दूसरी ओर हजारों लोगों का स्वास्थ्य दांव पर लगा हुआ है।
पार्षद ने सचिव को लिखा पत्र
वार्ड-06 की पार्षद मीनाक्षी नौटियाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव, पेयजल विभाग को पत्र भेजकर परियोजना को तत्काल स्वीकृति देने और कार्य शुरू कराने की मांग की है। पार्षद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि दून विहार, बापूनगर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले सैकड़ों परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यदि मानसून के दौरान स्थिति और बिगड़ी तो क्षेत्र में जलजनित रोगों का प्रकोप फैल सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका कर्तव्य है कि जनता की समस्याओं को शासन तक पहुंचाएं, लेकिन अब आवश्यकता केवल पत्राचार की नहीं बल्कि तत्काल निर्णय और जमीनी कार्रवाई की है।बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा
क्षेत्र के अभिभावकों में अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता है। दूषित पानी के कारण सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सीवर और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान सीवर और पेयजल लाइनों में रिसाव की समस्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में यदि 40 वर्ष पुरानी सीवर लाइन को तत्काल बदला नहीं गया और प्रस्तावित परियोजना पर शीघ्र कार्य शुरू नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।











