कार में बनाया हुआ था सीक्रेट केबिन, भारी मात्रा में नगदी बरामद

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देहरादून। राजधानी में चल रहे चेकिंग अभियान के बीच दून पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कैंट कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र नगर-कौलागढ़ इलाके में सिरमौर मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र नंबर की एक संदिग्ध स्कॉर्पियो-एन को रोककर तलाशी ली, जिसमें सीक्रेट केबिन बनाकर छिपाई गई करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी नकदी के संबंध में मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके बाद आयकर विभाग को बुलाकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान महाराष्ट्र नंबर की MH12XT 3245 महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन को रोका गया। वाहन चालक से जब गाड़ी के दस्तावेज मांगे गए तो वह गोलमोल जवाब देने लगा। संदिग्धता बढ़ने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद चालक ने वाहन में भारी मात्रा में नकदी होने की जानकारी दी। उसने बताया कि रकम को गाड़ी की बीच और पिछली सीट के बीच बनाए गए एक सीक्रेट केबिन में छिपाकर रखा गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल अपने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और उनके माध्यम से आयकर विभाग को मौके पर बुलाया। आयकर विभाग के अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में जब वाहन की तलाशी ली गई तो गाड़ी के गुप्त खांचे से भारी मात्रा में नगद धनराशि बरामद हुई। बरामद रकम को आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के तहत कब्जे में लिया गया, जबकि संबंधित वाहन को पुलिस ने सीज कर दिया है।

प्राथमिक पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम सतीश भाई, पुत्र स्वर्गीय हरगोविंद भाई, निवासी तालुका विसनगर, जिला मेहसाणा (गुजरात), उम्र 51 वर्ष बताया। उसके साथ वाहन में बैठे अन्य दो व्यक्तियों की पहचान ठाकुर जसवंत संघ बनाजी, निवासी ग्राम सेधा, तालुका चाणसमा, जिला पाटन (गुजरात), तथा सचिन पटेल, पुत्र नरेंद्र भाई, निवासी ग्राम दीनप, थाना विसनगर, गुजरात के रूप में हुई है। चालक ने पुलिस को बताया कि यह नकदी वह बनारस से लेकर आया था और उसे वाहन में साथ बैठे जसवंत को सौंपना था। हालांकि रकम के स्रोत, स्वामित्व और परिवहन के संबंध में वह कोई ठोस वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। यही वजह रही कि मामला तुरंत आयकर विभाग को सौंप दिया गया।

फिलहाल आयकर विभाग की टीम तीनों व्यक्तियों से गहन पूछताछ कर रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही बरामद नगदी का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि इस पूरे प्रकरण में अग्रिम कार्रवाई आयकर विभाग द्वारा की जाएगी, जबकि संदिग्ध वाहन को विधिक कार्रवाई के तहत जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई ने न केवल दून पुलिस की सतर्कता को साबित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि चेकिंग अभियान के दौरान मामूली दिखने वाली संदिग्ध गतिविधियां भी करोड़ों की बरामदगी तक पहुंचा सकती हैं। स्कॉर्पियो में बनाए गए गुप्त केबिन से कैश मिलना इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना रहा है।