मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी मृतकों का पोस्टमार्टम सोमवार रात ही कराया जाएगा, ताकि परिजनों को जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव सौंपे जा सकें। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम और दौरे रद्द कर दिए तथा तत्काल लखनऊ लौट आए। मुख्यमंत्री सबसे पहले घटनास्थल पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हादसे में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा पीड़ित परिवारों को हर संभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस बीच केन्द्र सरकार ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। केन्द्र सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह सहायता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन की ओर से आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। वहीं राहत और बचाव दल लगातार मौके पर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित परिवारों की मदद में जुटे हुए हैं। सरकार ने आश्वासन दिया है कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आने से कई छात्र अंदर फंस गए। हादसे में कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आग अचानक इमारत की ऊपरी मंजिलों में फैल गई। धुआं तेजी से पूरे भवन में भर गया, जिससे छात्रों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कुछ छात्रों को खिड़कियों और बालकनियों से बाहर निकलने की कोशिश करते देखा गया। कई लोगों को स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव दल ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अग्निशमन विभाग और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने तथा घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और मृतकों व घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।










