7,412 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को मंजूरी की तैयारी, खिलाड़ियों को मुफ्त रोडवेज यात्रा, महिलाओं के सम्मान से लेकर पर्यटन और शिक्षा तक कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, महिला कल्याण, खेल, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इन फैसलों में दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में पांच ग्रेस मार्क्स देने, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग का लाभ देने के लिए पारिवारिक आय सीमा बढ़ाने, खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने जैसे अहम कदम शामिल हैं।
कैबिनेट के निर्णयों को राज्य में शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने, पात्र वर्गों को राहत देने, युवाओं को प्रोत्साहित करने और विकास योजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में पांच ग्रेस मार्क्स
कैबिनेट ने दिव्यांग विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बोर्ड परीक्षाओं में पांच ग्रेस मार्क्स देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस फैसले से संबंधित पात्रता और लागू होने की विस्तृत शर्तें आधिकारिक शासनादेश के अनुसार निर्धारित होंगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत देने और उनकी शैक्षिक प्रगति को प्रोत्साहित करना है।
SC-ST विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग, आय सीमा में बड़ी बढ़ोतरी
शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार करने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। आय सीमा में इस बढ़ोतरी से अधिक पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुल सकता है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहयोग मिलने की उम्मीद है।
₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट पर अहम फैसला
राज्य की विकास योजनाओं और विभिन्न विभागों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹7,412 करोड़ के अनुपूरक बजट से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसे आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। अनुपूरक बजट के माध्यम से अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने का प्रावधान किया जाता है। बजट का विभागवार आवंटन और योजनाओं पर खर्च का विवरण आधिकारिक बजट दस्तावेजों से स्पष्ट होगा।

एकल महिलाओं के सम्मान और कल्याण पर जोर
महिला कल्याण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस पहल का उद्देश्य पात्र एकल और निराश्रित महिलाओं के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना है। योजना की पात्रता, सहायता राशि और क्रियान्वयन की शर्तों का विवरण संबंधित सरकारी आदेश से स्पष्ट होगा।
खिलाड़ियों को मुफ्त रोडवेज यात्रा की सुविधा
खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक अथवा पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय भी प्रमुख फैसलों में शामिल बताया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक की तैनाती से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी मिलने की जानकारी है। इन कदमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सहयोग उपलब्ध कराना और खेल प्रशिक्षण की व्यवस्था को मजबूत करना है। सुविधा के दायरे, पात्रता और यात्रा संबंधी शर्तों का अंतिम विवरण विभागीय आदेश से निर्धारित होगा।
हरिद्वार में दो निजी विश्वविद्यालयों के प्रस्ताव मंजूर
उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से उच्च शिक्षा के संस्थागत ढांचे का विस्तार हो सकता है। हालांकि, इनके संचालन, मान्यता और शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत संबंधित वैधानिक अनुमतियों तथा नियामकीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

एडवेंचर टूरिज्म को मिलेगा संस्थागत आधार
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों के लिए अवसर उपलब्ध कराती हैं। ऐसे में एक समर्पित संस्था के गठन से पर्यटन गतिविधियों के प्रबंधन, विकास और प्रचार को व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है।
स्कूल शिक्षा और मिड-डे मील व्यवस्था में बदलाव
शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य निर्णयों में ऊधम सिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल का दर्जा देने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीय रसोई स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। केंद्रीय रसोई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की तैयारी और आपूर्ति को व्यवस्थित करना है।

सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया होगी सरल
बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले में सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को एकीकृत करने संबंधी प्रस्ताव भी शामिल बताया गया है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं की प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना और स्वीकृति में होने वाली अनावश्यक देरी को कम करना है। इस व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव इसके क्रियान्वयन और विभागीय दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।
समान नागरिक संहिता में लिपिकीय त्रुटियों के संशोधन को मंजूरी
समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के लिए संशोधन प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। ऐसे संशोधनों का उद्देश्य प्रावधानों के पाठ में मौजूद तकनीकी या लेखन संबंधी त्रुटियों को दुरुस्त करना होता है। संशोधन का सटीक स्वरूप संबंधित अधिसूचना से स्पष्ट होगा।
स्टांप मामलों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना
राजस्व एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में स्टांप संबंधी विवादों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दिए जाने की जानकारी है। इस प्रकार की व्यवस्था का उद्देश्य निर्धारित शर्तों के अंतर्गत लंबित मामलों का समाधान करना और विवादों के निपटारे की प्रक्रिया को सुगम बनाना होता है।
विभागीय ढांचे और सेवा नियमावलियों में बदलाव
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के प्रशासनिक ढांचे और सेवा नियमों से संबंधित प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए। इनमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET), उरेडा और विभागीय लेखा निदेशालय के ढांचे में बदलाव तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों की सेवा नियमावली को मंजूरी दिए जाने की जानकारी शामिल है। इसके अतिरिक्त जनजातीय नाम से संबंधित सूची में ‘जन्नासारी’ के स्थान पर ‘जौनसारी’ सुधार को मंजूरी मिलने की बात भी सामने आई है।
विकास, शिक्षा और जनकल्याण पर केंद्रित फैसले
धामी कैबिनेट के सामने आए फैसलों में शिक्षा, महिला कल्याण, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार जैसे अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं। इन निर्णयों का प्रभाव संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, पात्रता नियमों और शासनादेशों के जारी होने के बाद स्पष्ट होगा। कुल मिलाकर, कैबिनेट के निर्णय राज्य में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने, शैक्षिक अवसरों के विस्तार और विभिन्न वर्गों के लिए सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताए गए हैं। अब इन फैसलों के धरातल पर उतरने और संबंधित विभागों की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने पर निगाह रहेगी।
धामी कैबिनेट के फैसलों से विकास को रफ्तार, दिव्यांग विद्यार्थियों को 5 ग्रेस मार्क्स, SC-ST छात्रों को मुफ्त कोचिंग की आय सीमा ₹8 लाख
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