गांधी पार्क की हरियाली एवं शांति से नही होना चाहिए कोई समझौता: लालचंद शर्मा

Astitva Times Desk
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देहरादून। पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा एवं पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें गांधी पार्क में अनावश्यक निर्माण कार्य रोकने, दूसरी कैंटीन निर्माण निरस्त करने, पार्क को हरित और संरक्षित बनाए रखने सहित महानगर की विभिन्न जनसमस्याओं के निराकरण हेतु ज्ञापन प्रेषित किया।

नगर निगम आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि गांधी पार्क देहरादून का हृदय स्थल और पूरे उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर है। यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि नागरिकों की जीवन रेखा है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग टहलने, व्यायाम करने और शुद्ध वातावरण का आनंद लेने आते हैं। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से एक अनावश्यक फैसले की ओर नगर आयुक्त का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि गांधी पार्क के अंदर पहले से ही एक बड़ी कैंटीन बनी हुई है। ऐसे में दूसरी कैंटीन बनाने का कोई औचित्य नहीं है। पार्क की हरियाली और शांति को प्रभावित कर इस प्रकार का अनावश्यक निर्माण जनता के साथ अन्याय है। गांधी पार्क में घूमने वाले वरिष्ठ नागरिक भी इस पर कड़ा विरोध जता रहे हैं और आश्चर्यचकित हैं कि जब सुविधाएं पहले से मौजूद हैं, तो अतिरिक्त निर्माण क्यों किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी अवगत कराते हुए कहा कि कैन्टीन ठेकों में नगर निगम से सम्बन्घित लोगों की हिस्सेदारी सामने आई है। जबकि इस सम्बन्ध में उत्तराखंड नगर निगम अधिनियम, 1959 में कानूनी प्रावधान है। अधिनियम की धारा 13 (अयोग्यता) कोई पार्षद नगर निगम के किसी ठेके या व्यापारिक लेनदेन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ में नहीं रह सकता। धारा 40 (पद से हटाया जाना) रू यदि कोई पार्षद अनुबंध या ठेके से लाभ कमाता है, तो राज्य सरकार उसे पद से हटा सकती है। साथ ही कर्मचारियों के लिए उत्तराखण्ड सरकारी सेवा आचरण नियमावली, 2002 या उत्तराखण्ड नगर निगम सेवा नियमावली के अंतर्गत कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के किसी व्यवसाय या ठेके में शामिल नहीं हो सकता।

लालचन्द शर्मा ने पार्क की एक अन्य समस्या से अवगत कराते हुए कहा कि गांधी पार्क के एक कोने पर थोड़ी-सी बारिश में ही गाद और मिट्टी भर जाती है, जिससे घूमने-फिरने वाले लोगों को भारी असुविधा होती है। साथ ही पार्क की कई जगहों पर टूट-फूट भी है जिसको ठीक कराया जाना नितांत आवश्यक है। इन आवश्यक सुधार कार्यों पर ध्यान देने की बजाय नई कैंटीन का निर्माण करवाना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि जनभावनाओं के विपरीत भी है। सबसे गंभीर चिंता यह है कि यदि इस निर्माण हेतु पार्क में खड़े हरे पेड़ काटे जाते हैं, तो यह देहरादून शहर के पर्यावरण के लिए घातक सिद्ध होगा। पहले ही देहरादून से हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं, अब अनावश्यक कार्य के लिए और पेड़ों का काटा जाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।

पूर्व विधायक राजकुमार ने नगर आयुक्त के संज्ञान में लाते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा देहरादून महानगर के विभिन्न वार्डों में स्ट्रीट लाइटों का असंतुलित आवंटन किया जा रहा है। कई वार्डो में आज भी बिजली के खंबों पर स्ट्रीट लाइटों का नितांत अभाव बना हुआ है जिससे रात्रि के समय यातायात में काफी कठिनाई हो रही है। भारी बरसात के चलते महानगर की विभिन्न सडकों पर बडे-बडे गढ़ हो गये हैं जिनको अभी तक भरा नहीं जा सकता है जिसके कारण आये दिन गम्भीर दुर्घटनायें घटित हो रही हैं। साथ ही विभिन्न वार्डों में नियमित सफाई एवं कचरा उठान नहीं हो पा रहा है जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए है जिनकी नियमित सफाई कराई जानी नितांत आवश्यक है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग करते हुए कहा कि गांधी पार्क में दूसरी कैंटीन बनाने की योजना तत्काल निरस्त की जाए। पार्क की आवश्यक मरम्मत यथा; गाद-मिट्टी की सफाई, टूट-फूट की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था को तुरंत प्राथमिकता दी जाए। गांधी पार्क में किसी भी प्रकार का नया निर्माण न किया जाए और यहां की हरियाली, प्राकृतिक स्वरूप एवं पेड़ों को सुरक्षित रखा जाए। गांधी पार्क में सभी राजनीतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि यह पार्क केवल आम नागरिकों की सुविधा और स्वास्थ्य लाभ के लिए सुरक्षित रह सके। गांधी पार्क को नो स्मोकिंग ज़ोन घोषित किया जाए और यहां प्लास्टिक का पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। पार्क में लगे स्ट्रीट लाइट के पोल और स्लैप सहित कोई भी ठेका पार्षद या नगर निगम कर्मचारी स्वयं या अपने परिवार के नाम से न ले सकें। इसका मुख्य कारण हितों का टकराव रोकना है। नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों का संतुलित आवंटन सुनिश्चित करने के साथ ही सभी पोलों पर स्ट्रीट लाईट लगवाई जांय। महानगर के सभी वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था एवं कचरा उठान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। महानगर की सभी सडकों को गढ्ढा मुक्त किया जाय तथा टूटी सडकों की शीघ्र मरम्मत की जाय। महानगर के विभिन्न क्षेत्रों मे सार्वजनिक स्थानों एवं विद्युत पोलों पर लगाये गये अवैध होर्डिंग शीघ्र हटवाये जाए।

कांग्रेसजनों ने कहा कि यदि उपरोक्त माँगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीक़े से कड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान पूर्व पार्षद एवं प्रदेश सचिव रमेश कुमार मंगू, दीप वोहरा, नीनू सहगल, अर्जुन सोनकर, मोनिका चौधरी, अनूप कपूर, प्रवीण त्यागी, मुकीम अहमद, सचिन थापा, मुकेश सोनकर, सुनील कुमार बांगा, सोमप्रकाश वाल्मीकि, राजू प्रजापति, सुरेश पारचा, सुभाष धस्माना प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।

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