प्रशासन के आदेशों की अनदेखी पड़ी भारी, गैस एजेंसी मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज सिलेंडर भी हुए जब्त

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देहरादून। एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शत प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी। जिलाधिकारी जिलें में गैस आपूर्ति/वितरण बैकलॉक की स्वयं मॉनिटिरिंग कर रहे है।

जिला प्रशासन के आदेशों की नाफरमानी पर हीरा गैस एजेंसी शिमला बाईपास रोड के सिलेंडर जिला प्रशासन ने जब्त कर लिए तथा गैस एजेंसी स्वामी के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर दिया है। जिलाधिकारी को शिकायत प्राप्त हुई कि हीरा गैस एजेंसी द्वारा जिला प्रशासन के होम डिलिविरी सम्बन्धी आदेश की अनदेखी करते हुए उपभोक्ताओं को ऐजेंसी से ही गैस सिलेंडर वितरित किये जा रहे हैं, जिससे भारी भीड़ लग गई है तथा कानून व्यवस्था पर विपरित असर पड़ने की संभावना है। जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल गैस एजेंसी पर कार्यवाही के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार क्यूआरटी टीम सहित मौके पर पंहुचे।

हीरा गैस सर्विस, नया गांव पेलियो, देहरादून द्वारा होम डिलीवरी न करते हुये घरेलू गैस सिलेण्डर का वितरण गैस गोदाम में ट्रक के माध्यम से किया जा रहा था। तत्काल जिलाधिकारी, विकासनगर, तहसीलदार विकासनगर एवं जिला पूर्ति कार्यालय के पूर्ति निरीक्षकों कि संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में जांच की गई।

जिलाधिकारी द्वारा विगत दिवस सभी गैस एजेंसियों को गैस की होम डिलीवरी के निर्देश दिये गये है किन्तु गैस एजेन्सी द्वारा गोदाम से उपभोक्ताओं को गैस वितरित की जा रही थी, जिससे ऐजेंसी पर भारी भीड़ लग गई तथा कानून व्यवस्था बिगड़ने की प्रबल संभावना बन रही थी। जिला प्रशासन ने सम्बन्धित गैस एजेन्सी के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (यथा संशोधित), आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत थाना पटेलनगर में वाद दर्ज कराया गया तथा गैस सिलेण्डर आदि को जब्त कर लिया गया जिसे जिला पूर्ति अधिकारी एवं सम्बन्धित तेल कम्पनी की सुपुर्दगी में दे दिये गये हैं।

जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित 1077, 0135-2626066, 2726066 और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से 05 बजे तक कुल 111 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोल रूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 18120 अधिक उपभोक्ताओं कोे घरेलू तथा 21 अपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। जबकि घरेलू गैस सिलेंडर में 75 हजार के लगभग बैकलॉग है। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वित्त एंव राजस्व के के मिश्रा कन्ट्रोलरूम से जिले में गैस वितरण, आपूर्ति की मॉनिटिरिंग जनमानस की समस्या के निस्तारण हेतु निगरानी बनाए हुए है।

 

देहरादून योग नगरी ऋषिकेश क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध गैस रिफिलिंग के एक मामले का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान एक युवक को घरेलू गैस सिलिंडरों से गैस निकालकर दूसरे खाली सिलिंडरों में भरते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। मौके से बड़ी संख्या में सिलिंडर और रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा, सीओ नीरज सेमवाल और पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली की संयुक्त टीम ने खदरी खड़क माफ क्षेत्र में स्थित आशुतोष गैस एजेंसी के डिस्ट्रीब्यूशन वाहन की जांच की। जांच के दौरान टीम को एक बिना नंबर का वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। वाहन के पास मौजूद अमन चौहान नाम का युवक घरेलू गैस सिलिंडरों से गैस निकालकर खाली सिलिंडरों में भर रहा था। टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

तलाशी लेने पर वाहन से कुल 37 गैस सिलिंडर बरामद किए गए, जिनमें 7 खाली और 30 भरे हुए सिलिंडर शामिल थे। इसके अलावा अवैध रिफिलिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी मौके से जब्त किए गए।
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अमन चौहान को हिरासत में ले लिया। पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली की शिकायत के आधार पर थाना ऋषिकेश में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने अवैध कार्य में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को सीज कर थाना परिसर में खड़ा कर दिया है। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बरामद सभी गैस सिलिंडरों को जब्त कर अंकुर गैस एजेंसी की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

गैस की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन का सख्त रूख, सुपरवाइजर और डिलीवरीमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण; अनियमितता पर कार्रवाई के निर्देश

देहरादून। जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर शनिवार को नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि ने शहर स्थित गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया।अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान अमरदीप गैस एजेंसी और सत्यशील गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं की मांग, गैस वितरण व्यवस्था, लंबित बुकिंग और उपलब्ध स्टॉक की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कराया गया।अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि जनपद में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए कहा कि गैस डिलिवरी से जुड़ा ओटीपी नंबर किसी भी व्यक्ति को फोन पर साझा न करें। गैस सिलेंडर की होम डिलिवरी के समय ही डिलिवरी मैन को ओटीपी नंबर दें। इसके साथ ही गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति केवल होम डिलिवरी के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए एजेंसी परिसर में बड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाकर आवश्यक जानकारी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को उपभोक्ताओं से विनम्र व्यवहार करने के लिए भी कहा।

निरीक्षण के दौरान अमरदीप गैस एजेंसी के खिलाफ कुछ उपभोक्ताओं ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। उपभोक्ता अरुण खरबंदा (बड़ोवाला) और जितेंद्र अरोड़ा (आशुतोषनगर, अमृत विहार) ने बताया कि डिलिवरी मैन ने फोन पर उनसे ओटीपी नंबर मांगा और ओटीपी देने के बाद गैस डिलिवरी का मैसेज आ गया, लेकिन उन्हें वास्तव में सिलेंडर नहीं मिला। इसी प्रकार खुड़बुड़ा निवासी पंकज ठाकुर ने बताया कि उनके खाते में 6 फरवरी को गैस डिलिवरी दिखा दी गई, जबकि उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। वहीं सेलाकुई के बहादुर रोड निवासी रविंद्र ने शिकायत की कि उनके खाते में 3 मार्च को गैस डिलिवरी दर्ज है, लेकिन उन्हें सिलेंडर नहीं मिला और अब दोबारा बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव बताई जा रही है। जब इन शिकायतों के संबंध में गैस एजेंसी के सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा गया तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर नगर मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी ने पूर्ति निरीक्षक को संबंधित सुपरवाइजर और डिलिवरी मैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

प्रशासन ने दी चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही एजेंसी संचालकों को ओटीपी आधारित होम डिलिवरी व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल, पूर्ति विभाग के अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

अस्पतालों में गैस की किल्लत की शिकायत पर बैठक
उधर, दून मेडिकल और जिला चिकित्सालय की मैस में गैस सिलेंडर की कमी संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने और समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अनुपालन में नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी सदर ने मुख्य चिकित्साधिकारी, दून मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि अस्पतालों की मैस में खपत के अनुसार पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। जानकारी दी गई कि दून मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह लगभग 30 सिलेंडर, गांधी शताब्दी चिकित्सालय में 8, जिला चिकित्सालय में 8, इंदिरेश अस्पताल में 12 तथा चकशाह नगर ट्रेनिंग सेंटर में 8 सिलेंडर की मासिक खपत होती है। अधिकारियों के अनुसार संस्थानों में प्रतिदिन आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, दून मेडिकल कॉलेज से डॉ. बबली और कोरोनेशन अस्पताल से डॉ. नौटियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

नई दिल्ली। ईरान और इजराइल अमेरिका के बीच चल रही जंग से देश में LPG सिलेंडर की किल्लत के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। दिल्ली पुलिस ने फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक से सावधान रहने की सलाह दी है।मध्य एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। इसको लेकर Delhi Police ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और गैस सिलेंडर बुकिंग के नाम पर आने वाले फर्जी कॉल, मैसेज और लिंक से बचने की चेतावनी जारी की है।

कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने की खबरों के बीच गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कहीं बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा तो कहीं लोग जल्द डिलीवरी की उम्मीद में एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं। इस स्थिति से आम उपभोक्ता और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री दोनों प्रभावित हो रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं।दिल्ली पुलिस के मुताबिक ठग लोगों को फोन कर खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताते हैं। वे दावा करते हैं कि मध्य एशिया से जुड़े हालात या सप्लाई चेन में समस्या के कारण गैस की भारी कमी होने वाली है और तुरंत सिलेंडर बुक करने के लिए कहते हैं।

फर्जी मैसेज और व्हाट्सएप लिंक से ठगी
साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए फर्जी मैसेज या व्हाट्सएप लिंक भेजते हैं। इन मैसेज में जल्द सिलेंडर बुक करने का लालच दिया जाता है। कई बार तुरंत डिलीवरी का वादा कर लिंक भेजा जाता है और एडवांस पेमेंट करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे लिंक पर क्लिक करता है, उसके सामने एक नकली वेबसाइट खुल जाती है, जहां बैंक डिटेल, कार्ड नंबर, OTP या UPI पेमेंट मांगा जाता है। भुगतान करते ही ठग पैसे लेकर गायब हो जाते हैं और सिलेंडर की डिलीवरी कभी नहीं होती। सरकार और तेल कंपनियां Indane, Bharatgas और HP Gas ने साफ किया है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कोई बहुत बड़ी कमी नहीं है। 25 दिन के बाद होने वाली बुकिंग की सामान्य स्थिति में डिलीवरी 2 से 3 दिनों के भीतर की जा रही है।

पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग केवल आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या IVRS नंबर के जरिए ही करें। किसी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी बैंक या कार्ड डिटेल किसी के साथ साझा न करें। अगर गलती से किसी फर्जी लिंक पर भुगतान हो गया है तो तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre की हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।

 

 

देहरादून। ईरान और अमेरिका इजराइल के बीच चल रहे युद्ध के बीच उत्तराखंड में घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर बन रही भ्रम की स्थिति पर प्रदेश सरकार ने विराम लगा दिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ता पूरी तरह निश्चिंत रहें।

आयुक्त ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है। खाद्य विभाग और तेल कंपनियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं ताकि आपूर्ति व्यवस्था बाधित न हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी इस संबंध में ‘प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026’ जारी कर स्थिति पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों में उपयोग होने वाली वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति भी पूर्ववत जारी है और इसमें किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की गई है। आयुक्त ने बताया कि भारत सराल के निर्देशानुसार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए गैस की समान उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों को दे दिए गए हैं।

आयुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्थान पर एलपीजी, पीएनजी या सीएनजी की जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों से सतर्क रहें और बिना किसी भय के नियमित रूप से गैस का उपयोग करें। राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति बिल्कुल सामान्य है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

 

नई दिल्ली। ईरान और इजराइल अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोरने लगा है। इस भू-राजनीतिक संघर्ष का सीधा असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। खाड़ी देश से होने वाली एलपीजी आपूर्ति में रुकावट के कारण देश के कई हिस्सों में गैस वितरण व्यवस्था दबाव में आ गई है। इसका सबसे अधिक प्रभाव वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पर पड़ा है, जिससे होटल, रेस्तरां, ढाबा और छोटे खाद्य व्यवसायों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।सरकार द्वारा हाल ही में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 और वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत में ₹115 की बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद कई महानगरों में वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत करीब ₹1900 तक पहुंच गई है। हालांकि वास्तविक चिंता कीमतों से ज्यादा गैस की उपलब्धता को लेकर है, क्योंकि कई शहरों में बुकिंग के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री मार्गों से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। कुवैत और आसपास के क्षेत्रों से आने वाली एलपीजी शिपमेंट में देरी और अनिश्चितता के कारण भारत के एलपीजी भंडार और वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशियाई देशों से आयात करता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का संघर्ष भारतीय बाजार पर तत्काल प्रभाव डालता है।ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ती है तो आने वाले समय में गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में और उछाल आ सकता है। साथ ही आपूर्ति में बाधा भी लंबी अवधि तक बनी रह सकती है।

बड़े शहरों में वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की भारी कमी की खबरें सामने आ रही है। कई होटल और रेस्तरां संचालकों का कहना है कि गैस एजेंसियों से नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है और सिलेंडरों की डिलीवरी में कई दिनों की देरी हो रही है।इसका सीधा असर खाद्य व्यवसाय पर पड़ रहा है। कई छोटे रेस्तरां और ढाबों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जबकि कुछ व्यवसाय सीमित मेन्यू और कम उत्पादन के साथ काम चला रहे हैं।

देहरादून में कारोबारियों की परेशानी
राजधानी देहरादून के प्रेमनगर स्थित तनेजा रेस्तरां संचालक जितेन्द्र तनेजा ने बताया कि हालात चिंताजनक हो गए हैं। उनके अनुसार पहले गैस एजेंसी से सिलेंडर नियमित रूप से मिल जाते थे, लेकिन अब बुकिंग कराने के बाद भी गैस उपलब्ध नहीं हो रही है।

जितेन्द्र तनेजा ने बताया, “पहले अगर एजेंसी से सिलेंडर नहीं मिलता था तो ब्लैक मार्केट में ₹2200 से ₹2500 तक में गैस मिल जाती थी। लेकिन अब वहां भी सप्लाई लगभग बंद हो गई है। कई दिनों से गैस का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।”उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में अपना रेस्तरां बंद करना पड़ सकता है, क्योंकि बिना गैस के भोजन तैयार करना संभव नहीं है। तनेजा ने बताया कि गैस संकट का सबसे बड़ा असर छोटे और मध्यम स्तर के खाद्य व्यवसायों पर पड़ रहा है। ढाबे, छोटे होटल, चाय की दुकानें, बेकरी और कैटरिंग सेवाएं पूरी तरह वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों पर निर्भर होती हैं। गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण इन कारोबारियों की लागत तेजी से बढ़ रही है।

कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष व्यापारी नेता लालचंद शर्मा एवं सुनील बांगा ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य हो सके और छोटे व्यवसायों को राहत मिल सके। लालचंद शर्मा ने बताया कि पहले गैस की कमी होने पर कारोबारी ब्लैक मार्केट से सिलेंडर खरीदकर काम चला लेते थे, लेकिन अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि वहां भी गैस उपलब्ध नहीं हो रही है। इससे कारोबारियों के सामने संचालन जारी रखने का विकल्प लगभग खत्म होता जा रहा है।

सरकार की नजर, वैकल्पिक आपूर्ति पर विचार
ऊर्जा मंत्रालय और सरकारी तेल कंपनियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के अनुसार एलपीजी की आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए वैकल्पिक देशों से गैस आयात बढ़ाने, बंदरगाहों पर भंडारण बढ़ाने और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने जैसे उपायों पर विचार किया जा रहा है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो यह संकट और गहरा सकता है और इसका असर आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है।

फिलहाल देश के कई शहरों में गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कारोबारी और उपभोक्ता दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर केवल होटल और रेस्तरां कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापक आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। जागरूक बनो आवाज़ उठाओ संस्था के यशवीर आर्य का कहना है कि यह संकट भारत के लिए ऊर्जा आयात पर अत्यधिक निर्भरता की चुनौती को भी उजागर करता है। ऐसे में दीर्घकालिक रणनीति के तहत ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत पहले से अधिक महसूस होने लगी है।

 

नई दिल्ली। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच भारतीयों को महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। क्योंकि देशभर में गैस सिलेंडर महंगा हो गया है। घरेलू और कमर्शियल दोनों गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी आज से 115 रुपये की वृद्धि की गई है। मध्य पूर्व के देशों में युद्ध के कारण बाधित हुई तेल सप्लाई के कारण तेल महंगा हुआ, जिस वजह से कंपनियों के सिलेंडर के रेट भी बढ़ाने पड़े।

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी आज से 115 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे व्यवसायों पर असर पड़ेगा।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। मुंबई में, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की नई दर अब 852.50 रुपये से बढ़कर 912.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में, कीमत 879 रुपये से बढ़कर 0.30 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 868.50 रुपये से बढ़कर 928.50 रुपये हो गई है। संशोधित दरें आज से तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।यह वृद्धि व्यवसायों द्वारा उपयोग किए जाने वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों पर भी लागू होती है। दिल्ली में 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1768.50 रुपये से बढ़कर 1883 रुपये हो गई है। मुंबई में यह कीमत 1720.50 रुपये से बढ़कर 1835 रुपये हो गई है। इसी तरह, कोलकाता में यह कीमत 1875.50 रुपये से बढ़कर 1990 रुपये हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 1929 रुपये से बढ़कर 2043.50 रुपये हो गई है।