देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रेमनगर थाना पुलिस ने दून कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीसीईटी) के प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कॉलेज पर वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के दौरान अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजनाओं में कथित अनियमितताएं कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
जानकारी के अनुसार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जे.एस. रावत की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि छात्रवृत्ति वितरण से जुड़े अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच में गंभीर विसंगतियां सामने आई हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि केंद्र और राज्य स्तर पर हुई जांच के दौरान छात्रवृत्ति योजना के क्रियान्वयन में कथित गड़बड़ियों के संकेत मिले थे। इसके बाद शासन स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और विशेष जांच दल (एसआईटी) को जांच सौंपी गई। एसआईटी की रिपोर्ट तथा अन्य जांच एजेंसियों के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
सूत्रों के अनुसार जांच में छात्रवृत्ति के लिए प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेजों और लाभार्थियों के विवरण पर सवाल उठे हैं। इसी आधार पर पुलिस अब वित्तीय लेन-देन, छात्र अभिलेखों तथा छात्रवृत्ति वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अन्य संस्थान भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। ऐसे में योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे प्रकरण पर शासन तथा जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।










