पीएम आवास योजना 2.0 की समीक्षा बैठक में 105 आवेदनों के पुनः सत्यापन के निर्देश

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देहरादून। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में नगर निकाय स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के विभिन्न घटकों की विस्तृत समीक्षा करते हुए पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा सभी पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर योजना से लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिलना चाहिए, जिसके लिए प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षण आवश्यक है।

बैठक में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा भी की गई। नगर निगम स्तर पर गठित समिति द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन, स्थानीय निरीक्षण रिपोर्ट तथा समिति की संस्तुति के आधार पर चिन्हित 105 आवेदन पत्रों का पुनः सत्यापन एवं परीक्षण कराने के निर्देश संबंधित उप नगर आयुक्त को दिए गए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पुनः जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे और किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना समाप्त हो।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के भागीदारी में किफायती आवास (Affordable Housing in Partnership) घटक पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान नगर निगम क्षेत्र में उपयुक्त भूमि का चिन्हीकरण कर किफायती आवास परियोजनाओं को विकसित करने की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से शहर के आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के अधिक से अधिक परिवारों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

बैठक में नगर निकाय स्तरीय कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों ने भाग लिया और योजना के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर विभिन्न सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करते हुए योजना का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।