फर्जी लोन के खेल से करोड़ों का गबन: पूर्व बैंक प्रबंधक गिरफ्तार

Astitva Times Desk
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देहरादून। राजधानी देहरादून में करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि बैंक प्रबंधक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित अभिलेखों के जरिए करोड़ों रुपये का लोन स्वीकृत कराकर बैंक को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्रॉस रोड, देहरादून के वर्तमान मुख्य शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम ने 5 मई 2026 को कोतवाली नगर में लिखित तहरीर देकर बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई थी। बैंक द्वारा कराए गए फॉरेंसिक ऑडिट में वर्ष 2013 से 2016 के बीच लेखा अभिलेखों और लेजर प्रविष्टियों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं। जांच में खुलासा हुआ कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक महाबीर सिंह ने बैंक में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी प्रविष्टियां कीं और विभिन्न खातों के माध्यम से धनराशि का हेरफेर कर करोड़ों रुपये का गबन किया। ऑडिट रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बैंक के रिकॉर्ड में कूटरचना कर वित्तीय लेन-देन को वैध दर्शाने का प्रयास किया गया।

तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 175/2026 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 409 तथा 120-बी के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने विशेष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को मिले सबूतों से पता चला कि महाबीर सिंह और उसके सहयोगियों ने 20 जेसीबी मशीनों की खरीद के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से 4 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया था। आरोप है कि यह ऋण वास्तविक खरीद के बजाय धनराशि के गबन के उद्देश्य से लिया गया था और पूरी रकम का दुरुपयोग किया गया।

पुलिस ने सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी महाबीर सिंह पुत्र डंबर सिंह, तत्कालीन शाखा प्रबंधक, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, घोटाले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है और उनके विरुद्ध साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा घोटाले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। बैंकिंग व्यवस्था में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।फिलहाल मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बैंक घोटाले के इस बहुचर्चित मामले में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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