मुख्यमंत्री ने खुद भी अपनी फ्लीट में चलने वाला वाहनों में 50 फीसदी कटौती का लिया फैसला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीआईपी संस्कृति और सरकारी संसाधनों के अनावश्यक उपयोग पर बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रियों के काफिलों में चल रही अतिरिक्त गाड़ियों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार ईंधन बचत, खर्चों में कटौती और संसाधनों के सीमित उपयोग को प्राथमिकता देगी।
लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि काफिलों में केवल आवश्यक वाहन ही शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि अनावश्यक वाहनों की वजह से न केवल ईंधन की खपत बढ़ती है, बल्कि आम जनता को भी यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद भी अपनी आधिकारिक फ्लीट में 50 प्रतिशत कटौती करने का फैसला लिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन और प्रशासन में सादगी तथा जवाबदेही दिखाई देनी चाहिए। सरकार जनता के पैसे का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करना चाहती है।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में ‘नो व्हीकल डे’ लागू करने, सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, कार पूलिंग को बढ़ावा देने और वर्चुअल बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में कई बैठकों को ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी। साथ ही सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने की अपील की गई।सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सादगी और अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और सरकारी तंत्र में फिजूलखर्ची पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।












