वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप के झटकों से थर्राई धरती, 164 की मौत हजारों लोग घायल 

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​एजेंसी
लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला के तटीय इलाकों और राजधानी कराकास में आए दो लगातार (जुड़वां) विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। सरकारी सूत्रों और अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Delcy Rodríguez) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में अब तक 164 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 971 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे के नीचे अभी भी सैकड़ों लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते प्रशासन का मानना है कि मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

​अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक 40 मिनट के अंतराल में आए भूकंप के दो झटको से पूरा वेनेजुएला अचानक हिल उठा। ​विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले 126 वर्षों (साल 1900 के बाद) में वेनेजुएला के इतिहास में दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप है। लगातार आए इन दो झटकों के कारण बहुमंजिला इमारतों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।

​भूकंप का केंद्र तटीय इलाकों के करीब था, लेकिन इसका सबसे भयानक असर राजधानी कराकास (Caracas) में देखने को मिला है। कराकास के पाश इलाके अल्तामिरा (Altamira) में एक 22 मंजिला रिहायशी टावर पूरी तरह से ढह गया है, जिसके मलबे से अब तक कई शव निकाले जा चुके हैं। इसके अलावा चाकाओ (Chacao), ला गुआएरा (La Guaira) और काराबोबो (Carabobo) राज्यों में दर्जनों अपार्टमेंट, स्कूल और व्यावसायिक परिसर मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। ​त्रासदी की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल (State of Emergency) की घोषणा कर दी है।

​हवाई अड्डा बंद: मियाकेतिया में स्थित देश के मुख्य सिमोन बोलिवार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Simón Bolívar International Airport) के टर्मिनल और रनवे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई हैं। बिजली के ग्रिड फेल होने और मोबाइल टावरों के गिरने से राजधानी सहित बड़े हिस्से में पूरी तरह ‘ब्लैकआउट’ (बिजली और संचार ठप) की स्थिति है। सोशल मीडिया और टेलीफोन नेटवर्क बंद होने से लोग मलबे में दबे अपने परिजनों की स्थिति जानने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

​युद्ध स्तर पर राहत कार्य, वैश्विक मदद की अपील
​अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सेना, राष्ट्रीय आपदा बल और नागरिक सुरक्षा टीमों को चौबीसों घंटे मलबे को हटाने और जिंदगियों को बचाने के काम में लगा दिया है। भारी क्रेन और खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) की मदद से मलबे को छाना जा रहा है।​ इस भयानक आपदा को देखते हुए वैश्विक समुदाय भी आगे आया है। स्पेन ने अपनी अत्याधुनिक ‘यूएमई’ (सैनिक आपातकालीन इकाई) रेस्क्यू टीम को मलबे में दबे लोगों को खोजने वाले विशेष कैमरों के साथ वेनेजुएला के लिए रवाना कर दिया है। इसके अलावा भारतीय, ब्राजील, मैक्सिको, कोलंबिया और अमेरिका ने भी मानवीय सहायता, दवाइयां और राहत सामग्री भेजने का ऐलान किया है।

​मौसम विभाग और भूवैज्ञानिकों ने आने वाले 48 घंटों में भारी ‘आफ्टरशॉक्स’ (भूकंप के बाद के हल्के झटके) की चेतावनी जारी की है, जिससे बचे हुए जर्जर ढांचों के गिरने का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षित और खुले स्थानों पर रहने की अपील की है।