शादी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी! विदेशी युवती के हनीट्रैप में फंसा युवक

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देहरादून। राजधानी देहरादून में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक विदेशी युवती ने शादी का झांसा देकर युवक को अपने प्रेमजाल में फंसाया और फिर क्रिप्टो ट्रेडिंग में करोड़ों रुपये के मुनाफे का लालच देकर लगभग 40 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामले का खुलासा होने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रेम, भरोसा और करोड़ों के सपनों का ऐसा जाल बिछाया गया कि युवक देखते ही देखते अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी गंवा बैठा। अब पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ऋषिकेश निवासी अभिषेक रौतेला ने एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान उनकी मुलाकात अंजली कृष्णन नाम की एक कथित एनआरआई युवती से हुई। युवती ने खुद को लंदन में रहने वाली और फैशन व्यवसाय से जुड़ी सफल कारोबारी बताया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और 25 मार्च से अंजली यूके के (+44) नंबरों से व्हाट्सएप चैट एवं वीडियो कॉल करने लगी।

साइबर ठग युवती ने केवल अभिषेक ही नहीं बल्कि उनकी मां से भी वीडियो कॉल पर बातचीत की। उसने शादी करने का भरोसा दिलाया और परिवार का विश्वास जीत लिया। लगातार बातचीत और भावनात्मक जुड़ाव के कारण अभिषेक पूरी तरह उसके झांसे में आ गए। कुछ समय बाद अंजली ने अभिषेक को क्रिप्टो ट्रेडिंग से भारी मुनाफा कमाने का सपना दिखाया। उसने अपने कथित अंकल “जॉर्ज” से परिचय कराया, जिसे उसने एक अनुभवी ट्रेडिंग कंसल्टेंट बताया। युवती के कहने पर अभिषेक ने 16 अप्रैल को पहली बार 10 हजार रुपये निवेश किए। कुछ ही समय बाद उन्हें 12 हजार रुपये वापस मिले। इसके अगले दिन 28 हजार रुपये का निवेश करने पर तीन दिन बाद 90 हजार रुपये का रिटर्न दिखाया गया। शुरुआती लाभ मिलने से अभिषेक का विश्वास और मजबूत हो गया।

विश्वास बढ़ने के बाद अभिषेक ने लगातार बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी। इसी बीच ठगों ने उनके ट्रेडिंग अकाउंट में लगभग 1.50 करोड़ रुपये का फर्जी मुनाफा दिखा दिया। जब अभिषेक ने यह रकम निकालने की कोशिश की तो उन्हें बताया गया कि निकासी के लिए 30 प्रतिशत कमीशन जमा करना होगा। इस बहाने अभिषेक और उनके परिवार से विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई माध्यमों से कुल 38.31 लाख रुपये जमा करा लिए गए। इसके बावजूद रकम जारी नहीं की गई। बाद में ठगों ने “वीआईपी अकाउंट एक्टिवेशन” के नाम पर 30 लाख रुपये और मांग लिए।बार-बार पैसे मांगने और रकम वापस न मिलने पर अभिषेक को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर अपराध थाना, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि पीड़ित से कुल 39.62 लाख रुपये की ठगी की गई है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनके संचालकों और साइबर गिरोह से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। साइबर विशेषज्ञ अंकुर चंद्रकांत के अनुसार यह “रोमांस स्कैम” और “क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट फ्रॉड” का मिला-जुला रूप है। ठग पहले भावनात्मक संबंध बनाते हैं, विश्वास जीतते हैं और फिर निवेश के नाम पर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। ऐसे मामलों में लोगों को अनजान व्यक्तियों के झांसे में आने से बचना चाहिए और किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए।