21 से 26 अक्टूबर तक दिव्यांगजनों के लिए विशेष शिविर, प्रमाणपत्र से पेंशन और सहायक उपकरणों तक मिलेगी सुविधा

Astitva Times Desk
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चार तिथियों पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित होंगे शिविर, एक ही स्थान पर मिलेंगी कई विभागों की सेवाएं; लाभार्थियों के लिए भोजन, पेयजल और आवागमन की भी रहेगी व्यवस्था

देहरादून। देहरादून में दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, सुलभ और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध कराने के लिए 21 से 26 अक्टूबर तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों पर आयोजित इन शिविरों में दिव्यांगता प्रमाणपत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी), आधार कार्ड, दिव्यांग पेंशन के लिए आय प्रमाणपत्र तथा सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण और परीक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, प्रधानमंत्री दिव्याशा योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी।
इन शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। शिविरों में स्वास्थ्य जांच से लेकर प्रमाणपत्र बनवाने, पेंशन योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, आवेदन करने और सहायक उपकरणों के लिए पंजीकरण कराने तक की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

चार तिथियों पर निर्धारित स्थानों पर लगेंगे शिविर
जिला प्रशासन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर को विकासखंड रायपुर के गांधी शताब्दी अस्पताल में शिविर आयोजित किया जाएगा। 22 अक्टूबर को विकासखंड डोईवाला के परिसर में शिविर लगाया जाएगा। 23 अक्टूबर को विकासखंड सहसपुर के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज मेहूंवाला, शिमला बाईपास के पास शिविर का आयोजन होगा। वहीं, 26 अक्टूबर को रिंग रोड, शिमला बाईपास रोड स्थित रिस्पना रिजॉर्ट के समीप, सीमाद्वार क्षेत्र, देहरादून में शिविर लगाया जाएगा।
इन शिविरों के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों के दिव्यांगजनों को स्थानीय स्तर पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को आयोजन की तिथियों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सके।

स्वास्थ्य जांच के साथ बनाए जाएंगे दिव्यांगता प्रमाणपत्र
शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम दिव्यांगजनों की चिकित्सकीय जांच करेगी और दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करेगी। इसके साथ ही यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आधार कार्ड से संबंधित सेवाओं की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि दिव्यांगजनों को जरूरी दस्तावेज तैयार कराने में सुविधा मिल सके। दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। ऐसे में शिविरों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को इन दस्तावेजों से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी।

समाज कल्याण विभाग की ओर से शिविरों में दिव्यांग पेंशन सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। विभाग पात्र लाभार्थियों को आवेदन पत्र उपलब्ध कराने के साथ आवेदन प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। दिव्यांग पेंशन के लिए आय प्रमाणपत्र से संबंधित आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, जिससे लाभार्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने दस्तावेज तैयार कर सकें।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की टीम आधार कार्ड के माध्यम से मोबाइल नंबर अपडेट करने और नए खाते खोलने में सहयोग करेगी। इससे दिव्यांगजनों को बैंकिंग सेवाओं से जुड़ने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने में मदद मिलेगी।

दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिविरों में सहायक उपकरणों के लिए परीक्षण, पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। प्रधानमंत्री दिव्याशा योजना तथा जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के माध्यम से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पात्र दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर दिया जाएगा। शिविर में आने से पहले तैयार रखें ये आवश्यक दस्तावेज
शिविरों में प्रमाणपत्र बनवाने, पेंशन योजनाओं के लिए आवेदन करने और सहायक उपकरणों हेतु पंजीकरण कराने आने वाले दिव्यांगजन आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर आएं, ताकि संबंधित विभागों की ओर से प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा हो सके।

लाभार्थियों के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची:
आधार कार्ड: मूल प्रति और छायाप्रति।
पासपोर्ट साइज फोटो: हाल की 2 से 4 फोटो।
दिव्यांगता प्रमाणपत्र: यदि पहले से बना हुआ है।
यूडीआईडी कार्ड: यदि पहले से जारी किया गया है।
आय प्रमाणपत्र: दिव्यांग पेंशन एवं संबंधित योजनाओं के लिए, जहां आवश्यक हो।
बैंक पासबुक: बैंक खाते और आईएफएससी कोड का विवरण स्पष्ट होना चाहिए।
मोबाइल नंबर: आधार से लिंक मोबाइल नंबर, यदि उपलब्ध हो।
चिकित्सा संबंधी दस्तावेज: चिकित्सक की पर्ची, जांच रिपोर्ट और दिव्यांगता से संबंधित पुराने अभिलेख।
निवास प्रमाणपत्र: संबंधित योजना के अंतर्गत आवश्यक होने पर।
पेंशन संबंधी दस्तावेज: पहले से पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थियों के लिए, यदि लागू हों।
सहायक उपकरणों से संबंधित कागजात: पहले से पंजीकरण कराया हो तो उसकी रसीद या संबंधित दस्तावेज।
अन्य पहचान एवं परिवार संबंधी दस्तावेज: राशन कार्ड या अन्य अभिलेख, यदि संबंधित विभाग द्वारा मांगे जाएं।


लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे उपलब्ध मूल दस्तावेजों के साथ उनकी दो से तीन फोटोकॉपी भी रखें। दस्तावेजों की वास्तविक आवश्यकता प्रमाणपत्र, पेंशन अथवा सहायक उपकरण के लिए किए जाने वाले आवेदन के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी विशेष योजना के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि कर लेना उचित होगा। यह सूची सामान्य तैयारी के लिए है; इसे जिला प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक दस्तावेज सूची न माना जाए।

शिविरों में आने वाले दिव्यांगजनों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए ग्राम्य विकास विभाग द्वारा भोजन, पेयजल, बैठने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। शिविरों में आने वाले दिव्यांगजनों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क भोजन, जलपान और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। दिव्यांगजनों को शिविर स्थल तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विकासखंडों के अधिकारियों के माध्यम से वाहन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि आवागमन संबंधी कठिनाइयों के कारण कोई पात्र लाभार्थी इन सुविधाओं से वंचित न रहे।

बाल विकास विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को शिविरों की जानकारी देने और आवश्यक प्रपत्रों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं, जरूरी दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा।
वहीं, स्वीप देहरादून की टीम दिव्यांगजनों को निर्वाचन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ मतदान के लिए आवश्यक सुविधाओं के प्रति जागरूक करेगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करना और मतदान से संबंधित सुविधाओं की जानकारी देना है।

शिविरों के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं और अन्य व्यय का भुगतान वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना के अंतर्गत पेंशन शिविर मद से किए जाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को शिविरों के आयोजन, प्रचार-प्रसार और लाभार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि दिव्यांगजनों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने शिविरों की व्यवस्थाओं को सुविधाजनक बनाने और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया है। जिला प्रशासन की इस पहल से दिव्यांगजनों को प्रमाणपत्र, पेंशन, बैंकिंग सेवाओं और सहायक उपकरणों से संबंधित प्रक्रियाओं में सहायता मिलने की उम्मीद है। शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर दिव्यांगजनों के लिए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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