ओवरस्पीड पर लगेगी लगाम: यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर DL निलंबन के साथ ही वाहन होगा सीज़

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कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की थी सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने की मांग

देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। राज्य में तेज रफ्तार वाहनों को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही नई मानक प्रचालन कार्यविधि (SOP) लागू की जाएगी। इस योजना के तहत वाहनों की गति सीमा तय करने, रंबल स्ट्रिप लगाने, एएनपीआर कैमरे स्थापित करने, वाहन सीज करने और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने तक की सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

परिवहन विभाग के अनुसार उत्तराखंड में पिछले वर्ष 1800 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग एक तिहाई दुर्घटनाएं तेज रफ्तार के कारण हुईं। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि ओवरस्पीडिंग और गलत तरीके से ओवरटेकिंग सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों की सड़कों पर यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने केवल चालान काटने की पारंपरिक व्यवस्था से आगे बढ़कर एक व्यापक और तकनीक आधारित योजना तैयार की है।

नई SOP के तहत सबसे पहले शहरों में विभिन्न सड़कों के लिए निर्धारित गति सीमा तय की जाएगी। जिन स्थानों पर वाहनों की रफ्तार अधिक रहती है, वहां रंबल स्ट्रिप लगाए जाएंगे ताकि वाहन स्वतः गति कम करने को मजबूर हों। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 23 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट पहचानकर ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंप और गलत ओवरटेकिंग जैसे ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को स्वतः रिकॉर्ड करेंगे, जिससे तत्काल चालान की कार्रवाई संभव हो सकेगी।


देहरादून में इस योजना की शुरुआत दो प्रमुख मार्गों से की जाएगी। पहला मार्ग राजपुर रोड से दिलाराम चौक तक और दूसरा आशारोड़ी से आईएसबीटी तक है। इन दोनों मार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण यहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन स्थानों पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाएंगे और तेज रफ्तार या नियम उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

 

परिवहन विभाग ने रात के समय सड़क दुर्घटनाओं की अधिकता को देखते हुए रात 8 बजे के बाद विशेष चेकिंग अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस दौरान पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और कैमरों के माध्यम से निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। विभाग का मानना है कि रात के समय अधिक सतर्कता बरतने से दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। इसके अलावा तेज रफ्तार या अन्य गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई को भी सख्ती से लागू किया जाएगा। अब तक सीज किए गए वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई में कई बार कठिनाई आती थी। इस समस्या के समाधान के लिए परिवहन विभाग अलग से एक नया स्पॉट तैयार कर रहा है, जहां सीज किए गए वाहनों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे वाहन सीजिंग की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो पाएगी।

उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार तेज रफ्तार सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग नई SOP तैयार कर रहा है, जिसे जल्द अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।

मोहब्बेवाला क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए कांग्रेस पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाने और सड़क सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय करने की मांग उठाई थी। परिवहन विभाग का दावा है कि नई SOP लागू होने के बाद राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इससे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा भी बढ़ेगी तथा लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन का स्तर भी बेहतर होगा। विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग की आदत अपनाएं। राज्य सरकार का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो उत्तराखंड सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित हो सकता है। जल्द ही SOP जारी होने के साथ ही इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

 

शहर में छुटे हुए सभी प्रमुख चौराहों पर CCTV  कैमरे और ट्रैफिक सिग्नल लगाने को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। शहर में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन से यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी सिटी को ज्ञापन सौंपते हुए शहर के कई प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। ज्ञापन में कहा गया कि शहर में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण यातायात व्यवस्था लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। विशेष रूप से मोहब्बेवाला चौक से ट्रांसपोर्ट नगर चौक तक का क्षेत्र भारी वाहनों की आवाजाही, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बन चुका है।

हाल ही में सोमवार को मोहब्बेवाला चौक के पास एक ओवरलोड ट्रक पलटने की घटना ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मोहब्बेवाला चौक पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निगरानी रखी जा सके।इसके साथ ही चंद्रबनी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन चालान व्यवस्था को प्रभावी बनाने की भी मांग की गई।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आईएसबीटी देहरादून फ्लाईओवर के नीचे से निजी बसों के ठहराव और संचालन को बंद किया जाए। साथ ही शहर के व्यस्त चौराहों जैसे बल्लूपुर चौक और प्रिंस चौक पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और स्पीड कैमरे लगाए जाएं। इसके अलावा शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय सीमा निर्धारित करने, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने तथा पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुटपाथ और जेब्रा क्रॉसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।

इस अवसर पर लालचंद शर्मा ने कहा कि देहरादून में बढ़ता ट्रैफिक आम नागरिकों के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। प्रशासन को सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और नागरिकों को सुरक्षित यातायात व्यवस्था मिल सके।
वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ने सुझाव दिया कि स्कूलों के समय में प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। ज्ञापन देने के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व पार्षद हरी प्रसाद भट्ट, प्रदेश सचिव रमेश कुमार मंगू, दीप वोहरा, राजीव पुंज, अर्जुन सोनकर, पार्षद मुकीम अहमद, राजेश शर्मा, सुनील बांगा और सुलतान पठान, सुभाष धस्माना मौजूद रहे।

देहरादून। राजधानी में मोहब्बेवाला चौक के पास आज एक बार फिर उस समय बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा -तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को संभाला गया और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को सामान्य कराया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रेनाइट से भरा ट्रक अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली, लेकिन घटना ने एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं धर्मपुर विधानसभा के वरिष्ठ नेता रमेश कुमार मंगू ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंताजनक हैं और प्रशासन को इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

मंगू ने प्रशासन से कई सवाल पूछते हुए कहा —
शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण क्यों नहीं लगाया जा रहा है?
ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा इंतजाम आखिर कब सुधरेंगे?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

उन्होंने कहा कि मोहब्बेवाला चौक और आसपास के इलाकों में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद यातायात व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ट्रैफिक नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जाएं और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। लगातार बढ़ते हादसे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।