देहरादून। राजधानी देहरादून में फ्लैट आवंटन के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे बिल्डर शाश्वत गर्ग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके सहस्त्रधारा रोड स्थित आवास की कुर्की कर दी। न्यायालय के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नियमानुसार कुर्की की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए घटना के बाद से परिवार सहित लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है, लेकिन उसकी तलाश लगातार जारी है।
यह मामला मसूरी रोड स्थित आर्केडिया हिल्लॉक्स सोसायटी में फ्लैट आवंटन के नाम पर कथित रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि बिल्डर शाश्वत गर्ग और उसके सहयोगियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों का विश्वास जीता और उन्हें फ्लैट देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की रकम वसूल ली। बाद में जब निवेशकों को न तो फ्लैट मिले और न ही उनका पैसा वापस हुआ, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामले में 21 नवंबर 2025 को आर्केडिया हिल्लॉक्स सोसायटी के अध्यक्ष विवेक कुमार ने राजपुर थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बिल्डर और उसके साथियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई लोगों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर राजपुर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच में तेजी लाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने देहरादून समेत विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, लेकिन मुख्य आरोपी शाश्वत गर्ग हर बार पुलिस की कार्रवाई से पहले ही अपना ठिकाना बदल देता था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह परिवार सहित लगातार फरार चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पहले न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया। इसके बावजूद जब वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ और लगातार फरार रहा, तब न्यायालय से कुर्की वारंट भी हासिल किया गया। इसके बाद राजपुर थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सहस्त्रधारा रोड स्थित ऊषा कॉलोनी में उसके मकान की कुर्की की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी में संपत्ति को विधिक प्रक्रिया के तहत कुर्क किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुख्य आरोपी के अलावा मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की भी तलाश जारी है। उनके खिलाफ भी न्यायालय से कुर्की वारंट प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होंगी, उनकी संपत्तियों पर भी कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस न केवल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, बल्कि धोखाधड़ी से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच भी की जा रही है। मामले में सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी आवासीय परियोजना में निवेश या फ्लैट खरीदने से पहले बिल्डर की साख, परियोजना के दस्तावेज और वैधानिक स्वीकृतियों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा जा सके।












