देहरादून। राजधानी देहरादून में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर सामने आए एक मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सख्त रुख अपनाते हुए चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई उस शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मारपीट की एक घटना में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर समय से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तथा चौकी स्तर पर शिकायतकर्ता के साथ उचित व्यवहार भी नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार, मामला एक न्यायिक अधिकारी के परिजन के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन कई दिनों तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। बताया जा रहा है कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि चौकी स्तर पर फरियादी के साथ संतोषजनक व्यवहार नहीं किया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए SSP ने प्रारंभिक स्तर पर धारा चौकी की इंचार्ज को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित रखना या वैधानिक कार्रवाई में देरी करना स्वीकार्य नहीं है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, कर्तव्य में शिथिलता या विभागीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जाए।
पुलिस मुख्यालय लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि आमजन की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। ऐसे मामलों में यदि किसी पुलिस अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं तो विभाग की ओर से तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय की जाती है। धारा चौकी की इंचार्ज को लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई को भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप किस हद तक सही पाए जाते हैं और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे क्या विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।












