MDDA का बड़ा एक्शन: दून, ऋषिकेश और मसूरी में अवैध निर्माण सील, अवैध प्लॉटिंग भी ध्वस्त
देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्र में व्यापक सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल तथा एसडीएम ऋषिकेश और मसूरी के निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने कई स्थानों पर नियम विरुद्ध चल रहे निर्माण कार्यों को बंद कराया और अवैध ढांचों पर बुलडोजर चलाया।
कार्रवाई के दौरान माजरा, सुद्धोवाला, बड़ोवाला, शिमला बाईपास रोड, डिस्पेंसरी रोड, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्र में बिना स्वीकृति संचालित व्यवसायिक परिसरों को सील किया गया, जबकि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त किया गया। पूरे अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा तथा संबंधित अभियंताओं और अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई संपन्न हुई।
ऋषिकेश में तीन बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
एमडीडीए की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र के लेन नंबर-03, निर्मल बाग ब्लॉक-ए में लगभग तीन बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने बिना वैधानिक स्वीकृति के काटे जा रहे प्लॉटों पर चल रहे विकास कार्यों को तत्काल रुकवाया और अवैध संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार बिना अनुमति विकसित की जा रही यह प्लॉटिंग विकास प्राधिकरण अधिनियम का खुला उल्लंघन थी।मसूरी के दलाई हिल्स और हैप्पी वैली में चला बुलडोजर
मसूरी क्षेत्र स्थित दलाई हिल्स और हैप्पी वैली में संजय साहनी, अमित और चंदू द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों पर भी एमडीडीए ने सख्त कार्रवाई की। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में अनियंत्रित और अवैध निर्माण पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इसी कारण पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई की जा रही है।देहरादून में कई व्यवसायिक परिसरों पर सीलिंग
एमडीडीए ने देहरादून शहर के विभिन्न इलाकों में भी कार्रवाई करते हुए कई व्यवसायिक परिसरों को सील किया।डिस्पेंसरी रोड स्थित सुरेंद्र भाटिया द्वारा किए गए अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। इसके अलावा अंबेडकर नगर, बड़ोवाला- शिमला बाईपास क्षेत्र में नरेश गुप्ता के अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
वहीं माजरा-सहारनपुर रोड क्षेत्र में बेला जैन, अनिल कुमार गुप्ता, वरुण गर्ग, राकेश गर्ग और अन्य व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों को भी सील कर दिया गया। बताया गया कि संबंधित भवन स्वामियों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नियमों का पालन नहीं किए जाने पर प्राधिकरण ने कठोर कदम उठाए। यह पूरा अभियान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, शशांक सक्सेना, अजय मलिक, राजेंद्र बहुगुणा, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजरों और पुलिस बल की मौजूदगी में चलाया गया।
“अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं”
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि शहर की सुनियोजित विकास व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जहां कहीं भी अवैध गतिविधियां सामने आएंगी, वहां तत्काल प्रभाव से सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

MDDA ने राजधानी में आठ बीघा अवैध प्लॉटिंग की ध्वस्त
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत विकास कार्यों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए मंगलवार को अजबपुर कला क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने सरस्वती विहार, अजबपुर कला में लगभग आठ बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से किए गए विकास कार्यों को हटाया गया तथा आमजन को जागरूक करने के लिए स्थल पर सूचना पट्ट भी लगाया गया।

एमडीडीए के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों और अवैध प्लॉटिंग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में सरस्वती विहार, अजबपुर कला में नौटियाल एवं कटियार द्वारा लगभग आठ बीघा भूमि पर नियमों के विपरीत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। मामले की जांच कराए जाने पर प्रथम दृष्टया प्लॉटिंग अवैध पाई गई, जिसके बाद संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग से संबंधित सीमांकन और अन्य विकास कार्यों को हटाया। साथ ही स्थल पर सूचना पट्ट स्थापित कर स्पष्ट किया गया कि उक्त भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना की जा रही थी।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में भूखंड खरीदने वाले लोगों के लिए भी गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। यह कार्रवाई सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा, सुपरवाइजर तथा अन्य प्राधिकरण कर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुई। एमडीडीए की इस कार्रवाई को शहर में अनियोजित विकास पर अंकुश लगाने और नियमबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एमडीडीए वीसी बंशीधर तिवारी का कहना है कि बिना ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमतियों के विकसित की जा रही कॉलोनियों में निवेश करने वाले लोगों को बाद में कानूनी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में लोगों की जीवनभर की जमा पूंजी जोखिम में पड़ जाती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण लगातार अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है और आमजन को जागरूक भी कर रहा है।
प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, मकान या संपत्ति की खरीद-फरोख्त से पूर्व संबंधित विकास प्राधिकरण अथवा सक्षम प्राधिकारी से उसकी वैधानिक स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमोदन वाली योजनाओं में निवेश करने से आर्थिक नुकसान की आशंका बनी रहती है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण कार्यों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अजबपुर कला में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नियोजित एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। आमजन को किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करनी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने दी चेतावनी
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या भूखंड में निवेश करने से पहले एमडीडीए से उसकी वैधता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान और तेज करते हुए सोमवार को ऋषिकेश, देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की। बिना स्वीकृत मानचित्र और निर्माण मानकों की अनदेखी कर बनाए जा रहे बहुमंजिला एवं व्यावसायिक भवनों पर प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण और सीलिंग की कार्रवाई की। इस अचानक हुई कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले ऋषिकेश क्षेत्र में अभियान चलाया। लक्कड़घाट रोड स्थित साक्षी महाराज ब्लॉक-सी में निशांत मलिक द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। बताया गया कि संबंधित निर्माण बिना आवश्यक स्वीकृतियों के किया जा रहा था। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में नोटिस जारी किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया, जिसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।
इसके बाद निर्मल बाग क्षेत्र में भी एमडीडीए ने सख्ती दिखाई। लेन नंबर-6, ब्लॉक-सी में गुरु कृपा फाउंडेशन द्वारा निर्मित बहुमंजिला अवैध भवन को सील किया गया। वहीं लेन नंबर-10, ब्लॉक-बी में नर्मदा सिंह और अजीत राम भट्ट द्वारा किए गए बहुमंजिला निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई। जांच में इन निर्माणों को स्वीकृत मानकों के विपरीत पाया गया था।
विकासनगर क्षेत्र में भी एमडीडीए का अभियान जारी रहा। हरबर्टपुर चौक- विकासनगर रोड पर फुर्कान द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया गया। वहीं टाइम्स वर्ल्ड स्कूल के सामने कराए जा रहे निर्माण पर भी कार्रवाई हुई। इसके अलावा मंडी चौक, चकराता रोड मुख्य मार्ग स्थित विकासनगर बाजार में सुरेंद्र सिंह द्वारा किए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने प्रमुख बाजार क्षेत्रों में अवैध निर्माणों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
एमडीडीए द्वारा पिछले कई महीनों से अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना मानचित्र स्वीकृति के तेजी से हो रहे बहुमंजिला और व्यावसायिक निर्माण भविष्य में सुरक्षा, यातायात और शहरी अव्यवस्था जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इसी को देखते हुए अब ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों और भवन स्वामियों से अपील की कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराएं और सभी मानकों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ध्वस्तीकरण और सीलिंग जैसी कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और जहां भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, मनीष डिमरी, अमन पाल, सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौजूद रहा। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि सुनियोजित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
देहरादून। राजधानी देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत रेसकोर्स स्थित एक बहुमंजिला व्यवसायिक भवन को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
एमडीडीए के संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई अमरजीत सिंह द्वारा 03 रेसकोर्स, देहरादून में कराए जा रहे व्यवसायिक बहुमंजिला निर्माण पर की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को सील किया और स्पष्ट संदेश दिया कि बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बताया गया कि संबंधित निर्माण प्राधिकरण की स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद एमडीडीए ने कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता निषांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा समेत सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
एमडीडीए ने साफ किया है कि देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण की नजर ऐसे सभी निर्माणों पर है जो नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अनुमति अवश्य लें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।












