दुखद: पानी के तेज बहाव में बहने से पर्यटक की मौत, दो किलोमीटर दूर मिला शव

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देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रमुख पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में आज एक दर्दनाक हादसा हो गया, नहाने के दौरान दिल्ली निवासी एक पर्यटक अचानक पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने नदी के बहाव वाले क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई स्थानों पर तलाश के बाद करीब दो किलोमीटर दूर पांडव वाला पुल के पास पर्यटक का शव बरामद हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह सहस्त्रधारा क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही के बीच एक व्यक्ति नहाने के लिए पानी में उतरा था। इसी दौरान वह अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वह देखते ही देखते बह गया। घटना की जानकारी तत्काल आपदा कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलते ही सहस्त्रधारा स्थित एसडीआरएफ पोस्ट से जवानों की टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम के जवानों ने नदी के संभावित बहाव क्षेत्र और आसपास के स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

एसडीआरएफ के जवानों ने नदी के किनारे से लेकर बहाव वाले हिस्सों तक अलग-अलग संभावित स्थानों पर तलाश की। टीम ने पानी के बहाव की दिशा को ध्यान में रखते हुए आगे के क्षेत्रों को भी खंगाला। लगातार सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने पांडव वाला पुल के आसपास भी तलाश की। काफी प्रयास के बाद एसडीआरएफ टीम को सहस्त्रधारा झरने से करीब दो किलोमीटर दूर पांडव वाला पुल के पास एक व्यक्ति का शव दिखाई दिया। शव को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसकी पहचान के प्रयास किए गए।

मृतक की पहचान नौथ राम, उम्र करीब 50 वर्ष, निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी गई। शव बरामद होने के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने उसे कब्जे में लिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के संबंध में चिकित्सकीय रूप से विस्तृत स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।

सहस्त्रधारा देहरादून के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक पानी बढ़ने और नदियों-झरनों का बहाव तेज होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में पानी में उतरना कई बार जानलेवा साबित हो सकता है। रविवार को हुए इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। तेज बहाव के बीच कुछ ही क्षणों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। विशेषज्ञों और बचाव दलों की ओर से भी लगातार लोगों को सलाह दी जाती है कि नदी, गदेरे, झरने अथवा अन्य जलस्रोतों में पानी का बहाव बढ़ने पर उतरने से बचें। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, हादसे ने सहस्त्रधारा घूमने पहुंचने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है।