सगी माँ ने अफसर बेटी के खिलाफ दर्ज कराया जमीन धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा 

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सहारनपुर/ हापुड़। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में उस समय हलचल मच गई जब जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) बेटी के खिलाफ उनकी अपनी सगी मां ने ही गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। सहारनपुर के सरसावा थाने में दर्ज एफआईआर में बेटी समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है। मामला धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता मुनेश रानी का आरोप है कि हापुड़ जिले की जिला पूर्ति अधिकारी उनकी सगी बेटी डॉ सीमा चौधरी ने उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके बैंक खाते का इस्तेमाल किया। आरोप है कि खाते में 15 लाख रुपये जमा कराए गए, जिसकी जानकारी उन्हें बैंक से मिले संदेश के बाद हुई। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि यह धनराशि छिपाने के उद्देश्य से उनके खाते का उपयोग किया गया।

हालांकि यह शिकायतकर्ता के आरोप हैं और इनकी पुष्टि अभी जांच के बाद ही होगी। मामला केवल बैंक खाते तक सीमित नहीं है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डॉ. सीमा चौधरी और अन्य आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर और जाली हस्ताक्षरों का सहारा लेकर जमीन से जुड़े लेनदेन में धोखाधड़ी की। मुनेश रानी का कहना है कि हस्तलेख विशेषज्ञ की जांच में हस्ताक्षरों में अंतर पाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। बताया गया है कि शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। जांच के उपरांत सरसावा थाने में डॉ. सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार डॉ. सीमा चौधरी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं है और उनकी मां के साथ उनके संबंध सामान्य हैं। उनका पक्ष है कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। मामला इसलिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें शिकायतकर्ता कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि स्वयं अधिकारी की मां हैं। ऐसे में पारिवारिक विवाद, संपत्ति और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं की जांच पुलिस के लिए अहम होगी।

रिपोर्ट: खालिद मजीद