तीन बहनों ने एक ही युवक से रचाई शादी, वीडियो वायरल होने पर मचा विवाद

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तीन सगी बहनों ने एक ही युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया। विवाह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, कुछ हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला अमरोहा जिले के धौरिया गांव का है। यहां रहने वाली सरोज, सावित्री और संतोष तीनों सगी बहनें हैं। बताया जाता है कि तीनों सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और इंस्टाग्राम तथा फेसबुक पर वीडियो कंटेंट बनाती हैं। सरोज बीटेक द्वितीय वर्ष की छात्रा है, जबकि सावित्री और संतोष ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है। तीनों के पिता रमेश किसान हैं। बताया जा रहा है कि श्यामपुरी गांव निवासी विकास उर्फ विक्कू पिछले करीब छह माह से तीनों बहनों के साथ कैमरामैन के रूप में कार्य कर रहा था। वह उनके वीडियो की शूटिंग करने के साथ-साथ कई वीडियो में पति की भूमिका भी निभाता था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह का निर्णय लिया गया।

चारों ने चामुंडा माता मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना कर अग्नि को साक्षी मानते हुए सात फेरे लिए। बताया गया है कि विवाह समारोह में दोनों परिवारों का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। विवाह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद कुछ हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए धार्मिक स्थल पर इस प्रकार के विवाह को सनातन परंपराओं के विरुद्ध बताया और प्रशासन से मामले की जांच की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद तीनों बहनों ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से विवाह किया है और वे बचपन से साथ रही हैं। उनका कहना है कि परिवार उनकी शादियां अलग-अलग स्थानों पर करना चाहता था, लेकिन वे एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहती थीं। इसी कारण उन्होंने एक ही युवक से विवाह करने का फैसला लिया।

अपने बयान में बहनों ने कहा कि वे सभी बालिग हैं और अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार रखती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनका विवाह आपसी सहमति से हुआ है और इसमें किसी प्रकार का दबाव नहीं है।विकास उर्फ विक्कू ने भी बताया कि वह तीनों बहनों की भावनाओं और परिस्थितियों से परिचित था। इसी वजह से उसने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए विवाह करने का निर्णय लिया।

हसनपुर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार तिवारी ने बताया कि संबंधित युवतियों ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने अपनी मर्जी से चामुंडा माता मंदिर में विवाह किया है।फिलहाल इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है। हालांकि, विवाह की कानूनी स्थिति और वायरल दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।