दून में कचरा संकट पर सिटीजन फोरम नाराज़, ‘सफाई मित्र’ ऐप से होगी जवाबदेही तय

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प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ी खाई, 500+ नागरिकों ने उठाई आवाज

देहरादून। शहर में लगातार बढ़ते कचरा संकट, अनियोजित डंपिंग और खुले में कचरा जलाने की घटनाओं को लेकर अब नागरिकों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। देहरादून सिटिज़न्स फोरम—500 से अधिक जागरूक नागरिकों का एक सक्रिय समूह—ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में प्रशासनिक दावों और जमीनी स्थिति के बीच बढ़ती खाई पर गंभीर चिंता जताई। फोरम ने साफ शब्दों में कहा कि पिछले एक वर्ष में कई बैठकों, संवादों और आश्वासनों के बावजूद शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरे की समस्या जस की तस बनी हुई है। कचरे के ढेर, अनियोजित डंपिंग साइट्स और कचरा जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान फोरम के सदस्यों ने बताया कि मेयर संवाद, अधिकारियों के साथ बैठकों और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के बावजूद ठोस और मापनीय सुधार नहीं दिखे हैं।
“संवाद तो हुआ है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्रवाई बेहद सीमित रही है,” यह भावना कई वक्ताओं ने साझा की। फोरम से जुड़े जगमोहन मेंदीरत्ता ने बताया कि यह समूह अब लगभग 500 नागरिकों का मजबूत नेटवर्क बन चुका है, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, उद्यमी और युवा शामिल हैं। उन्होंने इसे एक लोकतांत्रिक और सामुदायिक पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन के बीच सेतु बनाना है। फोरम की सदस्य रितु चटर्जी ने पिछले एक वर्ष के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा किए गए कई वादों के बावजूद नागरिकों को अभी तक ठोस सुधार देखने को नहीं मिले हैं।

वहीं रमना कुमार और नितिन शाह ने नगर निगम के साथ हुई बैठकों और पत्राचार का हवाला देते हुए कहा कि संवाद की प्रक्रिया जारी है, लेकिन कार्यान्वयन और फॉलो-अप बेहद कमजोर है। बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद सुधार न होने से नागरिकों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

‘सफाई मित्र’ ऐप लॉन्च
फोरम ने एक ठोस कदम उठाते हुए कंवर्जेंट डिफेंस फाउंडेशन के सहयोग से ‘सफाई मित्र’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च किया। इस ऐप को विकसित करने वाले मेजर रितेश उनियाल और प्रशांत उनियाल ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को कचरे से जुड़ी समस्याओं—जैसे कचरा जमा होना, समय पर न उठना या कचरा जलाना—सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देता है।उन्होंने कहा कि शुरुआती फीडबैक के आधार पर ऐप को लगातार अपडेट और बेहतर किया जाएगा, ताकि यह शहर के लिए एक प्रभावी निगरानी और शिकायत निवारण उपकरण बन सके।

अनूप नौटियाल ने स्पष्ट किया कि ‘सफाई मित्र’ का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी को मजबूत करना और सिस्टम को अंतिम स्तर तक जवाबदेह बनाना है। उन्होंने पिछले एक वर्ष में सामने आए समाचारों और बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कई बार लक्ष्यों को बदला गया और वादे पूरे नहीं हुए, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।

फोरम ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की पहल प्रशासनिक जिम्मेदारी का विकल्प नहीं हो सकती। स्थायी समाधान के लिए संस्थागत जवाबदेही, स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य है। फोरम ने उम्मीद जताई कि नगर निगम और मेयर कार्यालय इस पहल को सकारात्मक रूप में लेंगे और इसे सुधार के अवसर के रूप में देखेंगे। कार्यक्रम के अंत में भारती जैन ने मीडिया और सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए उम्मीद जताई कि अब प्रशासन केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस, समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करेगा।

प्रेस वार्ता में शंकर दत्त उनियाल, रिंकू सिंह, जया सिंह, देवेंद्र कांडपाल, शिशिर प्रशांत, डॉ. सुमीत गोयल, अभिषेक भट्ट और प्रवीण उप्रेती सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। देहरादून सिटिज़न्स फोरम ने दोहराया कि एक स्वच्छ, टिकाऊ और रहने योग्य शहर बनाने के लिए नागरिक सहभागिता और प्रशासनिक जवाबदेही—दोनों का साथ जरूरी है। अब समय केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर निरंतर और मापनीय परिणाम दिखाने का है।