देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने शुक्रवार को शासन स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 वरिष्ठ आईएएस एवं आईएफएस अधिकारियों के दायित्वों में व्यापक बदलाव किए हैं। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग द्वारा जारी आदेश के तहत कई महत्वपूर्ण विभागों में नए सचिवों की नियुक्ति की गई है, जबकि कुछ अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभार वापस लेकर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।
सरकार के इस फैसले को आगामी विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय को मजबूत करने तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नए दायित्व मिलने के बाद अधिकारियों के सामने सरकार की प्राथमिकताओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की चुनौती होगी।
जारी आदेश के अनुसार प्रमुख सचिव ललित मोहन रयाल से आबकारी विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। वहीं सचिव नितेश कुमार झा से सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग हटाकर उन्हें पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डॉ. पंकज कुमार पांडेय को सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। इसी तरह सचिव रविनाथ रमन को विद्यालयी शिक्षा विभाग से हटाकर परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त परिवहन की जिम्मेदारी दी गई है।
इस फेरबदल में बृजेश कुमार संत को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देते हुए आबकारी विभाग का सचिव बनाया गया है। उनसे परिवहन विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
इसके अलावा डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडेय को गन्ना विकास एवं चीनी विभाग, ज्योति यादव को विद्यालयी शिक्षा विभाग, युगल किशोर पंत को सचिवालय प्रशासन तथा रणवीर सिंह चौहान को वित्त विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
आईएफएस अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते से पंचायती राज विभाग का अतिरिक्त प्रभार वापस ले लिया गया है। वहीं आईएएस अधिकारी अभिषेक रुहेला को राज्य संपत्ति विभाग का अपर सचिव एवं राज्य संपत्ति अधिकारी का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।सरकार का मानना है कि इस प्रशासनिक पुनर्गठन से विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित गति मिलेगी। शासन स्तर पर हुए इस व्यापक फेरबदल को आगामी प्रशासनिक और विकासात्मक चुनौतियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ सभी अधिकारियों की कार्यशैली और विभागीय प्रदर्शन पर अब विशेष नजर रहेगी।










