यात्रियों को फर्जी टिकट देकर यात्रा कराने वाले चालक परिचालक हटाए, मुकदमें की तैयारी

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देहरादून। दिल्ली से रामनगर आ रही रामनगर डिपो को बस में 17 यात्रियों को फर्जी टिकट देकर यात्रा कराने के मामले में रोडवेज प्रबंधन ने चालक व परिचालक को हटा दिया है। साथ ही मामले की जांच बैठा कर दोनों आरोपियों पर मुकदमे की तैयारी की जा रही है

शनिवार की शाम को दिल्ली के आनंद विहार से रामनगर डिपो की बस 43 यात्रियों को लेकर चली थी। दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे पर जोया टोल प्लाजा के पास अधिकारियों ने बस में यात्रियों की संख्या की जांच की। जांच में 26 यात्रियों पास सही टिकट मिले जबकि 17 यात्रियों को फर्जी टिकट दिए गए थे। एआरएम आनंद प्रकाश ने बताया कि बस में सवार 43 यात्रियों में से 17 के टिकट संदिग्ध मिले। मामले में चालक अवनीश कुमार व परिचालक नरदेव सिंह से पूछताछ की गई तो वह पूरे मामले में संदिग्ध मिले। जबकि यात्रियों ने टिकट का पैसा परिचालक को देने की बात कही। प्रथम जांच के बाद दोनों आरोपी चालक- परिचालक को बस से हटा दिया गया है। फर्जी टिकट कहां से बनाए गए, आरोपियों ने यात्रियों को कैसे फर्जी टिकट दिए इसकी भी जांच कराई जाएगी।

उत्तराखंड रोडवेज की बस में सफर कर रहे यात्रियों को परिचालक द्वारा फर्जी टिकट देकर विभाग को चूना लगाने का गंभीर मामला सामने आया है। जहां रामनगर डिपो की बस के परिचालक ने 17 यात्रियों को फर्जी टिकट थमाकर उनसे पूरा किराया वसूल लिया। पोल तब खुली जब अमरोहा के जोया टोल प्लाजा पर यातायात निरीक्षक की टीम ने बस में यात्रियों के टिकट की चेकिंग की। टीम के अनुसार बस में 43 यात्री सवार थे और इनमें से सिर्फ 26 यात्रियों के ही टिकट बने थे।

रामनगर डिपो की बस रात आठ बजे दिल्ली के आनंद विहार से चली थी। 10 बजे जोया टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां यातायात निरीक्षक नईम अहमद और पूरन डांगी ने बस की चेकिंग की। यातायात निरीक्षकों ने बताया कि बस में सवारी तो 43 थीं, लेकिन टिकट 26 के ही बने थे। यात्रियों से टिकट मांगे तो 17 यात्रियों के टिकट फर्जी थे। जांच के बाद पता चला की परिचालक नरदेव सिंह ने 17 यात्रियों को फर्जी टिकट दिए हुए थे। यह सभी यात्री काशीपुर जा रहे थे जो बस में दिल्ली से बैठे थे। परिचालक ने कुल 6025 की गड़बड़ी की थी। यातायात निरीक्षकों ने मामले की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को सौंप दी है।

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