देहरादून। देश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में निर्माण गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित इस एक्सप्रेसवे के तहत बिहारीगढ़ कस्बे में बने फ्लाईओवर की दीवार में 10 दिनों के अंदर ही दरार पड़ गई।
जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल में आई दरार धीरे-धीरे चौड़ी होती गई, जिससे दीवार में झुकाव भी आ गया। स्थानीय लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए संबंधित विभाग को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और कार्यदायी संस्था की टीम मौके पर पहुंची। दीवार को गिरने से बचाने के लिए लगभग 20 एंकर प्लेट्स लगाई गईं। फिलहाल इसे अस्थायी उपाय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर एंकर प्लेट्स का उपयोग पुरानी या कमजोर हो चुकी संरचनाओं को सहारा देने के लिए किया जाता है। नई बनी दीवार में इसका प्रयोग निर्माण या डिजाइन संबंधी खामी की ओर संकेत करता है। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, शुरुआती दिनों में ही सामने आई इस घटना ने निर्माण गुणवत्ता, निगरानी और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।











