विधवा एवं दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी, भरण पोषण अनुदान भी बढ़ा

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पेंशन में बढ़ोतरी, योजनाओं की सख्त मॉनिटरिंग और नए प्रस्तावों की तैयारी, मंत्री खजानदास का बड़ा निर्देश

देहरादून। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें ताकि विभाग की कार्यक्षमता और जनसेवा में ठोस सुधार हो सके। मंत्री ने पेंशन योजनाओं में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा करते हुए बताया कि विधवा एवं दिव्यांग पेंशन को 1500 रुपये से बढ़ाकर 1875 रुपये किया गया है। इसके साथ ही बौना पेंशन और तीलू रौतेली पेंशन को 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये तथा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान को 700 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र छात्र योजनाओं से वंचित न रहें। राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों की समीक्षा करते हुए नए ट्रेड शुरू करने और अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति पर बल दिया गया। साथ ही, डॉ. बीआर अम्बेडकर अनुसूचित जाति छात्रावासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य में वर्तमान में 14 छात्रावास संचालित हैं।

मसूरी छात्रावास का पुनर्निर्माण
मंत्री ने गर्ल्स इंटर कॉलेज मसूरी के छात्रावास भवन का पुनर्निर्माण तीन माह में पूरा करने और सितंबर 2026 तक इसे शुरू करने के निर्देश दिए।
आय सीमा और सहायता योजनाओं में बदलाव
पेंशन एवं अन्य योजनाओं के लिए आय सीमा को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। वहीं इंटरकास्ट मैरिज सहायता योजना की समयसीमा को वित्तीय वर्ष के बजाय 365 दिन (डेट-टू-डेट) करने के निर्देश भी दिए गए। अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त सहायक उपकरण जैसे व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा आदि उपलब्ध कराने के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्माइल परियोजना, शिल्पी ग्राम योजना और नमस्ते योजना का लाभ समान रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

 

एससी-एसटी और दिव्यांग कल्याण पर विशेष ध्यान
मंत्री ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सहायता, छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग, और अवस्थापना विकास योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने 13 जनपदों के आधार पर दिव्यांग कल्याण योजनाओं की कार्ययोजना तैयार करने और गुणवत्तापरक कार्य समय पर पूरा करने पर बल दिया। बैठक में समाज कल्याण सचिव श्रीधर बाबू, अपर सचिव प्रकाश चंद्र, निदेशक संदीप तिवारी, जनजाति कल्याण निदेशक संजय टोलिया सहित सभी जिलों के अधिकारी मौजूद रहे।