नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हालिया चुनाव परिणामों को लेकर बड़ा बयान देते हुए इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वास्तव में चुनाव नहीं हारी, बल्कि उन्हें “जबरन हराया गया” है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठता। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार नैतिक आधार पर उनके पद छोड़ने की मांग कर रहा है। बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नतीजों को प्रभावित किया गया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनकी पार्टी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान उनकी आक्रामक रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह अपने समर्थकों को संदेश देना चाहती हैं कि पार्टी संघर्ष जारी रखेगी और पीछे हटने वाली नहीं है।
वहीं, विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के इस रुख की आलोचना की है। उनका कहना है कि चुनाव परिणामों को स्वीकार करना लोकतंत्र की बुनियादी परंपरा है और इस्तीफा न देना सत्ता से चिपके रहने जैसा है।फिलहाल, पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बयान के बाद तनाव और तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और बढ़ने के आसार हैं।











