दून में दर्दनाक हादसा: अस्पताल में लगी आग से बुजुर्ग महिला की मौत, 12 झुलसे ​

Astitva Times Desk
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आईसीयू से लेकर वार्डों तक फैला धुआं, खिड़कियां तोड़कर बचाई गई मरीजों की जान

​देहरादून। राजधानी देहरादून के देहरादून-हरिद्वार रोड स्थित अस्पताल में आज उस समय हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई, जब अस्पताल परिसर में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती एक बुजुर्ग महिला की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और भारी मशक्कत के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर स्थिति पर काबू पाया।

​चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि चंद मिनटों में ही पूरा अस्पताल काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गया। वेंटिलेटर और बेड पर पड़े मरीज लाचार दिखे, तो वहीं उनके तीमारदार अपनों को बचाने के लिए बदहवास होकर यहां-वहां भागने लगे। अस्पताल के अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने खिड़कियों के शीशे तक तोड़ डाले।​ हादसे में जान गंवाने वाली बुजुर्ग महिला की पहचान बीरावती के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अस्पताल के ICU में भर्ती थीं और धुएं के भारी गुबार के कारण उनका दम घुट गया।

​घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दमकल और पुलिस कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अस्पताल में फंसे करीब 40 से अधिक मरीजों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं और आग की चपेट में आए 12 घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी है। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। ​प्रारंभिक जांच और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

हालांकि इस हादसे ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कलई खोलकर रख दी है। ​स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों ने अस्पताल के फायर फाइटिंग सिस्टम (अग्निशमन उपकरणों) के काम न करने का आरोप लगाया है। लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि संवेदनशील मरीजों के बीच सुरक्षा मानकों की इतनी अनदेखी कैसे की गई।
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​प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के एनओसी (NOC) और अग्निशमन मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि प्रबंधन के स्तर पर कोई भी लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या जैसी संगीन धाराओं में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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