वक्फ बोर्ड का फरमान; सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर ईद की नमाज़ पढ़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Astitva Times Desk
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देहरादून। आगामी 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनज़र उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने प्रदेशभर की मस्जिदों, मुतवल्लियों एवं प्रबंधन समितियों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ईद की नमाज़ केवल निर्धारित ईदगाहों और मस्जिद परिसरों में ही अदा की जाएगी। जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक मार्गों, सड़कों अथवा यातायात को प्रभावित करने वाले स्थानों पर नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं होगी। बोर्ड ने सभी संबंधित समितियों और मुतवल्लियों को अपने-अपने क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन कराने के आदेश दिए हैं।

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि कोई मुतवल्ली या वक्फ प्रबंधन समिति इन आदेशों की अनदेखी करती है या पालन में लापरवाही बरतती है, तो उसके विरुद्ध प्रचलित नियमों और अधिनियमों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्ति या समिति को वक्फ प्रबंधन संबंधी दायित्वों से अलग करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।

वक्फ बोर्ड के इस आदेश को प्रशासनिक सख्ती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बोर्ड ने प्रदेशभर के सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे सौहार्द और अनुशासन बनाए रखते हुए ईद की नमाज़ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराएं।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस निर्देश को लेकर चर्चा तेज हो गई है।प्रशासन का मानना है कि इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और आम जनता को असुविधा से बचाया जा सकेगा। वहीं बोर्ड ने साफ कर दिया है कि धार्मिक आयोजन पूरी गरिमा और निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही संपन्न किए जाएं।

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