सहायक नगरायुक्त के कक्ष में अभद्रता करने वाले कर्मी की सेवा समाप्त

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नगर आयुक्त के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, अनुशासनहीनता पर निगम प्रशासन ने दिखाई सख्ती

नगर निगम प्रशासन ने कार्यालय परिसर में अनुशासनहीनता और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए एक आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई नगर आयुक्त के अनुमोदन के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार आउटसोर्सिंग एजेंसी आर.के. एसोसिएशन के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी उपेन्द्र थापा मूल रूप से नगर निगम के रिकॉर्ड रूम में तैनात था। हाल ही में उसकी ड्यूटी एस.आई.आर. (SIR) शाखा में लगाई गई थी। निगम सूत्रों के अनुसार संबंधित कर्मचारी के खिलाफ पूर्व में भी बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने तथा कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं।

बुधवार को भी उपेन्द्र थापा शराब के नशे में धुत होकर सीधे सहायक नगर आयुक्त के कार्यालय कक्ष में पहुंच गया। आरोप है कि उसने अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा कार्यालय में चल रहे शासकीय कार्य में गंभीर व्यवधान उत्पन्न किया। घटना के बाद कार्यालय में कुछ समय के लिए असहज स्थिति बन गई।
मामले की जानकारी मिलते ही नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया।अधिकारियों के साथ अमर्यादित व्यवहार तथा कार्यालय अनुशासन भंग करने को गंभीर कदाचार मानते हुए नगर आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके अनुमोदन के उपरांत संबंधित आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने, अनुशासनहीनता फैलाने अथवा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। निगम प्रशासन का कहना है कि कार्यालयों में अनुशासन, कार्य संस्कृति और पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस संबंध में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।