LPG संकट हुआ समाप्त; सभी पाबंदियां खत्म होने से कॉमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल सेक्टर को बड़ी राहत

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नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही शुरू हो गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलते ही भारत सरकार ने नॉन- डोमेस्टिक पैक्ड यानी कमर्शियल LPG की सप्लाई पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है। ईरान-अमेरिका संघर्ष पहले के स्तर पर कमर्शियल सिलेंडर पर बहाल कर दिया है। इसके साथ ही बल्क LPG सप्लाई पर लगी पाबंदियों में ढील दी है।

सरकार के इस फैसले से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर वाले ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि वेस्ट एशिया संकट के कारण सप्लाई में रुकावट आने के बाद महीनों से उन पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई थीं अब इंडस्ट्रियल मांग और एनर्जी सिक्योरिटी के बीच संतुलन बनाने के मकसद से, पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने घोषणा की कि नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG पर लगी सभी सेक्टर-वाइज पाबंदियां हटा ली गई हैं। इसके अलावा, संकट की शुरुआत में बल्क LPG की सप्लाई रोक दी गई थी, लेकिन अब इसमें संकट से पहले की खपत के लेवल का 50% तक ढील दी गई है, जिससे कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को काफी राहत मिली है।

मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से भारत का गैस आयात प्रभावित हुआ था। इसके चलते सरकार ने ‘जरूरी चीजों के कानून’ (Essential Commodities Act) के तहत प्रावधान लागू किए थे और निर्देश दिया था कि C3-C4 हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम का इस्तेमाल सिर्फ LPG प्रोडक्शन के लिए किया जाए, जिससे पेट्रोकेमिकल और दूसरे डाउनस्ट्रीम उद्योगों से सप्लाई हटाकर LPG के लिए इस्तेमाल की जा सके। सप्लाई की स्थिति में सुधार के साथ, सरकार ने अब LPG पूल के लिए इन फीडस्टॉक के डाइवर्जन को कम करने का फैसला किया है, जिससे पेट्रोकेमिकल और दूसरे जरूरी औद्योगिक सेक्टर के लिए इनकी ज्यादा उपलब्धता हो सकेगी।