देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए भू-माफियाओं पर कड़ा प्रहार किया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर सहसपुर, पौंधा और डालनवाला क्षेत्र में संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 100 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए जा रहे कई बहुमंजिला भवनों और अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग, अवैध कॉलोनियों का विकास और नियमों के विरुद्ध निर्माण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे मामलों में तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
MDDA की टीम ने सहसपुर क्षेत्र के जाटोवाला में नए हाईवे के निकट अभिषेक बलूनी, दीपक सैनी एवं अन्य द्वारा लगभग 100 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जांच में पाया गया कि बिना प्राधिकरण की अनुमति के भूमि का विकास कर प्लॉट काटे जा रहे थे तथा सड़कें और अन्य आधारभूत ढांचे तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से बनाई गई सड़कों और अन्य निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।डालनवाला क्षेत्र में भी MDDA ने सख्त रुख अपनाते हुए कोरोनेशन अस्पताल के निकट अनुराधा सिंह एवं राजीव यादव द्वारा किए गए अवैध निर्माण को सील कर दिया। इसी क्षेत्र में जगदीश एवं अन्य द्वारा किए गए एक अन्य अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई की। इसी के साथ पौंधा क्षेत्र के फुलसैनी रोड पर शुभम गोयल द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए गए दो अलग-अलग बहुमंजिला निर्माणों को भी MDDA की टीम ने सील कर दिया।प्राधिकरण ने कहा कि मानचित्र की शर्तों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
MDDA ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड, प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पहले संबंधित ले-आउट, स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों की अच्छी तरह जांच कर लें। अवैध कॉलोनियों या अनधिकृत प्लॉटिंग में निवेश करने से भविष्य में आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से हुई कार्रवाई
ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान के दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। MDDA ने दोहराया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति के निर्माण न केवल नियोजित विकास को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी भविष्य में गंभीर समस्याएं खड़ी करते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग, बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण तथा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अधिकारियों को ऐसे मामलों को चिह्नित कर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
MDDA के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की विभिन्न टीमें लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। शिकायतों के साथ-साथ विभागीय स्तर पर चिन्हित किए जा रहे मामलों में भी त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी और सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी भूखंड या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति और सभी आवश्यक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।













