पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट: प्रधानमंत्री

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं के हितों को प्राथमिकता बताते हुए परीक्षा प्रश्नपत्र लीक (पेपर लीक) के मामलों में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे मामलों में दोषियों को जल्द और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट- ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और विभागों को इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती हैं और सरकार इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार लगातार कई महत्वपूर्ण फैसले ले रही है और यह कदम उसी श्रृंखला का एक अहम हिस्सा है। उनका कहना है कि पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने दोहराया कि सरकार छात्रों के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य बिंदु
युवाओं का हित और भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता।
पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय।
दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने की तैयारी।
संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश।
छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार की सख्त प्रतिबद्धता।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।