सांप्रदायिक सौहार्द पर संगोष्ठी का आयोजन, पूर्व डीजीपी बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल

MS Malik
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देहरादून। सीरत-उन-नबी कमेटी, देहरादून उत्तराखंड ने सांप्रदायिक सौहार्द पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। कमेटी, के अध्यक्ष डॉ0एस0 फारूक ने मुख्य अतिथि अनिल कुमार रतूडी पूर्व डीजीपी, उत्तराखंड और अन्य सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत रवींद्र आनंद द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत से हुई।

डॉ0 एस0 फारूक ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि दुनिया में वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसे कार्यक्रम की आवश्यकता है जिस से हमारे देश में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे जो अनेकता में एकता के लिए जाना जाता है। सैयद फर्रुख अहमद ने अपनी सुरीली आवाज में इस विषय पर एक नज़्म पढ़ी और उसके बाद पैगंबर मोहम्मद (SAW) की शिक्षाओं का एक संक्षिप्त संकलन सैयद मोहम्मद यासर ने पढ़ा।
अतिथि वक्ता; राकेश ओबेरॉय ने इस विषय पर हिंदू आस्था के नजरिए से बात की और वासुदेव कुटुम्बकम की विचारधारा पर जोर दिया। हम इंसान एक हैं और पूरा विश्व हमारा घर है।

डॉ दलजीत कौर ने सिख धर्म के दृष्टिकोण से बात की, उसके बाद डॉ0 आदित्य आर्य ने आर्य समाज के दृष्टिकोण से बात की, उसके बाद श्रीमती सुजाता पॉल ने ईसाई धर्म के दृष्टिकोण से संबोधित किया और अंत में राजीव जैन ने इस विषय को जैन धर्म की दृष्टि से विचार व्यक्त किया।

पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूडी ने कहा कि सभी धर्म एक समान हैं और एक सर्वोच्च ईश्वर और मानवता में विश्वास करते हैं, लेकिन अंतर यह है कि जब चरमपंथ पूरे परिदृश्य में प्रवेश कर जाता है जो मानव आचरण और व्यवहार को खराब कर देता है जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता होती है।

उन्होंने सभी विद्वान वक्ताओं द्वारा व्यक्त विचारों की सराहना की। अंत में डॉ0 हिम्मत सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम का संचालन आर.के. बख्शी ने किया। इस अवसर पर डी एस मान, डॉ0 आर.के. जैन; अध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग, एच.एस. चावला, ब्रिगेडियर केजी बहेल, डॉ0 मैथानी, फादर जे.पी. सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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