बिहार में टूट की कगार पर भाजपा जेडीयू गठबंधन, नीतीश ने गवर्नर से मांगा मिलने का समय

MS Malik
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नई दिल्ली। बिहार में भाजपा जेडीयू गठबंधन टूट की कगार पर पहुंच गया है। गठबंधन टूटने की खबरों के बीच भाजपा अभी तक नीतीश कुमार के अगले आधिकारिक कदम का इंतजार कर रही है, वहीं आरएसएस से जुड़े महत्वपूर्ण संगठनों में से एक विश्व हिंदू परिषद ने नीतीश सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

5 साल में दूसरी बार बीजेपी और जदयू का गठबंधन टूटा है. इससे पहले साल 2013 में दोनों एक साथ अलग हुए थे. हालांकि साल 2017 में दोनों फिर साथ आ गए थे. अब सबकी निगाहें बीजेपी पर है।

वहीं विपक्षी पार्टी राजद के विधायकों की बैठक पार्टी के नेता तेजस्वी यादव ने अपनी मां एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी के दस सर्कुलर रोड स्थित आवास पर बुलाई है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के आवास पर बैठक कर रही है जिसमें पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय जायसवाल भी मौजूद हैं।

बिहार की सियासत में घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांग लिया है। बताया जा रहा है कि नीतीश के साथ तेजस्वी भी राज्यपाल से मुलाकात करने जाएंगे। सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि राज्यपाल से मुलाकात के बाद सीएम नीतीश इस्तीफा भी सौंप सकते हैं।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मिलने के लिए समय मांगा है। राज्यपाल की ओर नीतीश कुमार को मिलने का समय दे दिया है। वहीं सूत्रों के अनुसार आज राबड़ी आवास पर चल रही विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लग गई है। सूत्रों ने यह भी बताया है कि नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव भी राज्यपाल से मिलने जा सकते हैं।

इस बीच राजद खेमे से एक बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने राजद के सभी विधायकों से समर्थन पत्र पर साइन करवा लिया है। सूत्रों ने बताया है कि तेजस्वी यादव समर्थन पत्र नीतीश कुमार को सौंपेंगे। इस बीच खबर यह भी सामने आ रही है कि बीजेपी मंत्री गठबंधन टूटने से पहले इस्तीफा दे सकते हैं।

दरअसल, आरसीपी सिंह की बीजेपी के साथ नजदीकियां और उनका पार्टी से इस्‍तीफा देने के बाद सीएम नीतीश पर हमलावर होना जेडीयू को काफी नागवार लगा। इसके पहले पिछले दिनों पटना में बीजेपी ने अपने विभिन्‍न मोर्चों की संयुक्‍त कार्यकारिणी की बैठक कर 200 विधानसभा सीटों के लिए रूपरेखा तैयार की। यह भी जेडीयू को अच्‍छा नहीं लगा। जवाब में जेडीयू ने कहा कि उसकी तैयारी 243 सीटों के लिए है।

बिहार में नई सरकार का नया फार्मूला

बिहार में राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन और नीतीश कुमार की जदयू ने हाथ मिला लिया है. बताया जा रहा है कि महागठबंधन और जदयू के बीच गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. हालांकि, शुरुआती आठ से 10 महीने ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहेंगे, उसके बाद फिर तेजस्वी यादव को सीएम की कमान सौंप देंगे।

बिहार की सियासत में बदलाव की बयार बह चुकी है. नीतीश कुमार की जदयू और राजद महागठबंधन के बीच एक बार फिर से गठबंधन हो गया है. हालांकि, आधिकारिक ऐलान का इंतजार है. इस बीच नई सरकार में नीतीश कुमार कितने महीने तक बिहार के मुख्यमंत्री रहेंगे, इसका फॉर्मूला भी सामने आ गया है. सूत्रों ने बताया कि राजद और जदयू के बीच महागठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. हालांकि, शुरुआती आठ से 10 महीने ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहेंगे, उसके बाद फिर तेजस्वी यादव को सीएम की कमान सौंप देंगे।

सूत्रों की मानें तो शुरुआत में जदयू के नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे और राजद नेता तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बनेंगे. हालांकि, आठ से दस महीने बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की कमान तेजस्वी यादव को सौंप देंगे. इसकी वजह बताई जा रही है कि नीतीश कुमार आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे. फिलहाल, महागठबंधन की सरकार को लेकर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच डील पक्की हो गई है, लेकिन अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. माना जा रहा है कि विभागों को लेकर भी बातचीत हुई है।

दरअसल, सियासी गहमागहमी के बीच बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू यानी जनता दल यूनाइटेड और मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की अगुवाई वाले महागठबंधन के बीच गठबंधन हो गया है और इस तरह से बिहार में एनडीए गठबंधन टूट चुका है. माना जा रहा है कि कुछ देर में इसका आधिकारिक ऐलान भी हो जाएगा. इस बीच पटना के 1 अणे मार्ग और राजभवन की की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

बिहार में नई सरकार का नया फार्मूला

बिहार में राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन और नीतीश कुमार की जदयू ने हाथ मिला लिया है. बताया जा रहा है कि महागठबंधन और जदयू के बीच गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. हालांकि, शुरुआती आठ से 10 महीने ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहेंगे, उसके बाद फिर तेजस्वी यादव को सीएम की कमान सौंप देंगे।

बिहार की सियासत में बदलाव की बयार बह चुकी है. नीतीश कुमार की जदयू और राजद महागठबंधन के बीच एक बार फिर से गठबंधन हो गया है. हालांकि, आधिकारिक ऐलान का इंतजार है. इस बीच नई सरकार में नीतीश कुमार कितने महीने तक बिहार के मुख्यमंत्री रहेंगे, इसका फॉर्मूला भी सामने आ गया है. सूत्रों ने बताया कि राजद और जदयू के बीच महागठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे. हालांकि, शुरुआती आठ से 10 महीने ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहेंगे, उसके बाद फिर तेजस्वी यादव को सीएम की कमान सौंप देंगे।

सूत्रों की मानें तो शुरुआत में जदयू के नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे और राजद नेता तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम बनेंगे. हालांकि, आठ से दस महीने बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद की कमान तेजस्वी यादव को सौंप देंगे. इसकी वजह बताई जा रही है कि नीतीश कुमार आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे. फिलहाल, महागठबंधन की सरकार को लेकर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच डील पक्की हो गई है, लेकिन अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है. माना जा रहा है कि विभागों को लेकर भी बातचीत हुई है।

दरअसल, सियासी गहमागहमी के बीच बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू यानी जनता दल यूनाइटेड और मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की अगुवाई वाले महागठबंधन के बीच गठबंधन हो गया है और इस तरह से बिहार में एनडीए गठबंधन टूट चुका है. माना जा रहा है कि कुछ देर में इसका आधिकारिक ऐलान भी हो जाएगा. इस बीच पटना के 1 अणे मार्ग और राजभवन की की सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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