हैप्पी एनक्लेव बस्ती में जनसभा आयोजित, वोटर सूची बहाल करने, निर्माण मजदूरों का पंजीकरण करने और मलिन बस्तियों से जुड़े कानून पर अमल की मांग
देहरादून। शहर में चलाए जा रहे जनसंपर्क अभियान के तहत आज देहरादून के कैनाल रोड स्थित हेपी एनक्लेव बस्ती में एक जनसभा का आयोजन किया गया। सभा में स्थानीय निवासियों ने SIR, प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना और मजदूरों एवं मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन से जनहित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

जनसभा के दौरान लोगों ने मौजूदा जनसमस्याओं पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आम जनता, मजदूरों और बस्ती के निवासियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस अवसर पर विभिन्न मांगों को लेकर तैयार किए गए बैनरों पर स्थानीय लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। सभा में प्रमुख रूप से मांग की गई कि प्रशासन वर्ष 2025 की मतदाता सूची को बहाल करे और SIR के कारण मतदाताओं को होने वाली संभावित परेशानियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। वक्ताओं ने कहा कि मताधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अधिकार है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हो।
जनसभा में निर्माण मजदूरों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने मांग की कि निर्माण मजदूर कल्याण योजना के तहत सभी पात्र निर्माण मजदूरों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक शर्तों और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के उपलब्ध कराया जाए। सभा में कहा गया कि निर्माण मजदूर शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें अपने अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए कई तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे में पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने और पात्र मजदूरों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने की जरूरत है।

मलिन बस्तियों से जुड़े 2016 के अधिनियम पर अमल की मांग
बस्ती के निवासियों ने मलिन बस्तियों से संबंधित वर्ष 2016 में बनाए गए अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग भी उठाई। सभा में कहा गया कि बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों और हितों की रक्षा की जानी चाहिए तथा उनसे जुड़े कानूनों और प्रावधानों पर गंभीरता से अमल होना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने जोर दिया कि बस्तीवासियों की समस्याओं का समाधान उनकी जरूरतों और अधिकारों को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
सभा में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना का विरोध करते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई। लोगों ने कहा कि इस तरह की बड़ी परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। इसके लिए शहर में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग भी रखी गई, ताकि लोगों को आवागमन के बेहतर और सुलभ विकल्प मिल सकें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पर्यावरणवादी निलेश राठी ने कहा कि एलिवेटेड रोड जैसी विनाशकारी परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बजाय सरकार को अस्पतालों और स्कूलों पर अधिक खर्च करना चाहिए। उन्होंने जनहित से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया।
सभा में एलिवेटेड रोड परियोजना को रद्द करने और उसके स्थान पर सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की मांग को लेकर लोगों ने समर्थन जताया। जनसभा के दौरान हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से इन मांगों को व्यापक स्तर पर उठाने का प्रयास किया गया।
जनसमस्याओं को लेकर जारी रहेगा जनसंपर्क अभियान
यह जनसभा शहर भर में चलाए जा रहे जनसंपर्क अभियान का हिस्सा थी। अभियान के माध्यम से मजदूरों, बस्तीवासियों, मतदाताओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने तथा विभिन्न जनमांगों के पक्ष में लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में रामदास, सरफराज, राजेंद्र शाह, शंकर गोपाल, सुनीता देवी, जरीना, जमील सहित अन्य लोग शामिल रहे। सभा में उठाई गई मांगों के माध्यम से आयोजकों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन एवं सरकार से जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।

