बीजापुर अतिथिगृह में अस्पताल जैसे इंतज़ाम पर आर्य ने उठाए सवाल

Astitva Times Desk
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देहरादून। राजधानी देहरादून स्थित बीजापुर अतिथिगृह सवालों के घेरे में आ गया है। सामाजिक संगठन “जागरूक बनो आवाज उठाओ” के संयोजक यशवीर आर्य ने अतिथिगृह के कमरा संख्या 03 एवं 04 में अस्पताल पलंग एवं चिकित्सकीय सुविधाएं लगाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

यशवीर आर्य ने कहा कि यदि यह स्थान एक सरकारी अतिथिगृह है, तो आखिर किस नियम, आदेश अथवा विशेष अनुमति के आधार पर वहां अस्पताल जैसे इंतज़ाम किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता के लिए बने सरकारी संसाधनों का उपयोग किस व्यक्ति विशेष के लिए किया जा रहा है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि संबंधित विभाग सार्वजनिक रूप से यह बताए कि बीजापुर अतिथिगृह का उपयोग अतिथियों के ठहरने के लिए हो रहा है या फिर इसे किसी विशेष व्यक्ति के लिए अस्थायी चिकित्सालय में परिवर्तित कर दिया गया है।
यशवीर आर्य ने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की स्वास्थ्य परिस्थितियों को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है, तो उसके लिए शासनादेश, अनुमति और खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि जनता के टैक्स से संचालित भवनों का उपयोग नियमों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अतिथिगृहों में इस प्रकार स्थायी या अर्ध-स्थायी चिकित्सकीय सुविधाएं स्थापित की जा रही हैं, तो इसके लिए स्पष्ट नीति और प्रशासनिक अनुमति सामने आनी चाहिए।

“जागरूक बनो आवाज उठाओ” संगठन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। यशवीर आर्य ने चेतावनी दी कि यदि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो संगठन जनहित में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त कर आगे की कार्रवाई करेगा।

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