होमस्टे में महिला की संदिग्ध मौत: पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

Astitva Times Desk
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देहरादून। पहाड़ों की रानी मसूरी स्थित एक होमस्टे में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक माह तक चली गहन और वैज्ञानिक जांच के बाद मसूरी पुलिस ने मामले के आरोपी को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के अनुपालन में की गई इस गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट, मसूरी के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार थाना मसूरी में पंजीकृत मु0अ0सं0 19/2026 की विवेचना के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और तथ्य सामने आए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट, मसूरी ने आरोपी सोमयाजुला चरण पुत्र एम. दुर्गा प्रसाद, निवासी जी-2, टावर-13, फेज-3, द्वितीय तल, किवर्ड कुंजनगर, मधु विहार, पूर्वी दिल्ली के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद पुलिस टीम ने नई दिल्ली पहुंचकर आरोपी को विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए गिरफ्तार किया। मामला 15 जून 2026 का है, जब थाना मसूरी क्षेत्र के अंतर्गत बाटाघाट चौकी के निकट टिपरीधार, मसूरी-धनौल्टी रोड स्थित कियाना होमस्टे में ठहरी महिला पारुपुडी राधा गायत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही फोरेंसिक टीम की सहायता से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए तथा मामले की हर पहलू से जांच शुरू की गई।

पुलिस जांच के दौरान मृतका के परिजनों ने भी महिला की मौत को लेकर संदेह व्यक्त किया था। परिजनों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। विवेचना के दौरान मिले तथ्यों ने पुलिस का संदेह आरोपी की ओर मजबूत किया, जिसके बाद उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट, मसूरी ने आरोपी के खिलाफ गैर- जमानती वारंट जारी किया। वारंट मिलने के बाद पुलिस की टीम ने नई दिल्ली में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट मसूरी के समक्ष पेश किया। जहां से न्यायालय ने आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। इसके बाद आरोपी को जिला कारागार भेज दिया गया।

मामले की जांच क्षेत्राधिकारी मसूरी की निगरानी में चल रही है। जांच अभी जारी है और पुलिस घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की पड़ताल कर रही है। विवेचना के दौरान यदि अन्य तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे भी नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में वैज्ञानिक, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच को प्राथमिकता दी गई है। जांच का उद्देश्य घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।

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