95 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त, शेष कार्य के लिए निर्माणदायी संस्थाओं को मिली अंतिम मोहलत; लापरवाही पर आयुक्त ने लगाई कड़ी फटकार
देहरादून। गढ़वाल मंडल में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान में तय समयसीमा के बावजूद शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं होने पर मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सड़क निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए शेष कार्य हर हाल में 16 अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आमजन की सुविधा और सुरक्षित आवागमन से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयसीमा के भीतर काम पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है।

गुरुवार को कैंप कार्यालय में सड़क निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्ति अभियान की प्रगति का जायजा लिया। समीक्षा के दौरान जब निर्धारित समयसीमा तक सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य पूरा नहीं होने की स्थिति सामने आई तो उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दोहराया कि शेष कार्यों को पूरा करने के लिए अब समय बेहद सीमित है, इसलिए सभी संस्थाएं पूरी गंभीरता और तत्परता के साथ काम करें।

बैठक में सड़क निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने बताया कि जनपद में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष सड़कों पर मरम्मत का काम तेजी से जारी है और इसे 16 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण सड़क मरम्मत और डामरीकरण के कार्य प्रभावित हुए। अधिकारियों के अनुसार, डामरीकरण के लिए आवश्यक तापमान अनुकूल नहीं मिल पाने से काम की गति पर असर पड़ा। निर्माणदायी संस्थाओं की ओर से मौसम संबंधी कठिनाइयों का हवाला दिए जाने के बावजूद मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शेष कार्यों को पूरा करने के लिए अब किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा का हर हाल में पालन सुनिश्चित करने को कहा।
मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने कहा कि सड़कों पर गड्ढे होने से आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे न केवल यात्रा में असुविधा होती है, बल्कि दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है। ऐसे में सड़कों की मरम्मत और गड्ढामुक्ति का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि जिन सड़कों पर अभी मरम्मत का काम शेष है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर कार्य तेजी से पूरा किया जाए। अधिकारी अपने अधीनस्थ सड़कों की स्थिति की स्वयं निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि मरम्मत का काम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पूरा हो।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों की मरम्मत में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। जल्दबाजी में काम पूरा करने के नाम पर मानकों की अनदेखी न हो और मरम्मत के बाद सड़कें सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन के योग्य रहें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और निर्माणदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा शेष कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने साफ किया कि निर्धारित समयसीमा का पालन करना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन करे और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराए। आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर इसे गंभीरता से लिया जाएगा।
समीक्षा बैठक में डीजीएम सरिता बुदियाल, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता दयानंद, अधीक्षण अभियंता एमपीएस रावत, पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता एमके मित्तल, अधिशासी अभियंता रोहित श्रीवास्तव, ब्रिडकुल के परियोजना प्रबंधक मनजीत देशवाल, राष्ट्रीय राजमार्ग के नोडल अधिकारी सुरेश तोमर, आरडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता विनीत कुरेल, बीआरओ के सहायक अधिशासी अभियंता योगम्बर सिंह रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

